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भयानक रहस्य अपने अंदर समाए हुए है समुद्र, इसके बारे में 10 पर्सेंट भी नहीं जानते लोग

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Jan 16, 2023, 01:41 PM IST

वैज्ञानिकों से लेकर निजी काम के लिए भी अब लोग चंद्रमा से नाता जोड़ चुके हैं, लेकिन समुद्र के बारे में कितना जानते हैं... एक हगराई तक जाकर सभी पैंतरे काम करना बंद कर देते हैं और समुद्र के सबसे गहरे रहस्य, रहस्य ही बने रह जाते हैं.

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गहरे समुद्र के वैज्ञानिकों के रूप में, हमने इस कथित ‘‘तथ्य’’ की जांच की और पाया कि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

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KEY HIGHLIGHTS
  • कितने गहरे हैं समुद्रा के रहस्य
  • भयानक है गहराई की सच्चाई
  • जितनी जानकारी मिली वो कम

यह कहना गलत है कि हम गहरे समुद्र की तुलना में चंद्रमा के बारे में अधिक जानते हैं। इस विचार को वैज्ञानिकों और विज्ञान संचारकों द्वारा दशकों तक दोहराया गया है, जिसमें 2001 में वृतचित्र श्रृंखला द ब्लू प्लैनेट में सर डेविड एटनबरो भी शामिल हैं। हाल ही में, ब्लू प्लैनेट II और अन्य स्रोतों में भी यही कहा गया कि हम गहरे समुद्र की तुलना में चंद्रमा के बारे में अधिक जानते हैं। गहरे समुद्र के वैज्ञानिकों के रूप में, हमने इस कथित ‘‘तथ्य’’ की जांच की और पाया कि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। यह किसी भी तरह से सही नहीं है। तो यह जिज्ञासु विचार कहाँ से आया?

गहराई का मानचित्रण

सबसे पहला लिखित रिकॉर्ड 1954 में जर्नल ऑफ़ नेविगेशन के एक लेख में है, जिसमें समुद्र विज्ञानी और रसायनविद् जॉर्ज डीकॉन भूभौतिकीविद् एडवर्ड बुलार्ड के एक दावे का उल्लेख करते हैं। 1957 में रॉयल सोसाइटी ऑफ आर्ट्स के जर्नल में प्रकाशित एक पेपर में कहा गया है: ‘‘गहरे महासागर दुनिया की सतह के दो-तिहाई हिस्से को कवर करते हैं, और फिर भी चंद्रमा की सतह के आकार के बारे में जितना जाना जाता है, समुद्र के तल के बारे में उतनी जानकारी नहीं है ”। यह विशेष रूप से समुद्र तल के बारे में उपलब्ध आंकड़ों की अल्प मात्रा को संदर्भित करता है और समुद्र के सबसे गहरे हिस्से, मारियाना ट्रेंच (1960) तक पहुंचने और पहली चंद्रमा लैंडिंग (1969) से पहले का है।

चंद्रमा के कुल सतह क्षेत्र का लगभग तीन गुना

यह उद्धरण ध्वनिक डेटा से समुद्री तल को मैप करने के लिए शिप-माउंटेड इको-साउंडर्स का उपयोग करने की प्रथा से भी पहले का है, जिसे स्वाथ बाथीमेट्री के रूप में जाना जाता है। दुनिया के लगभग एक चौथाई समुद्री तल (23.4 प्रतिशत, सटीक होने के लिए) को एक उच्च रिज़ॉल्यूशन में मैप किया गया है। यह लगभग 12 करोड़ वर्ग किलोमीटर या चंद्रमा के कुल सतह क्षेत्र का लगभग तीन गुना है। यही कारण हो सकता है कि तुलना मंगल की तरफ स्थानांतरित हो गई है, जिसकी सतह का क्षेत्रफल 14 करोड़ 50 लाख वर्ग किलोमीटर है। इससे भी अधिक, उच्च-रिज़ॉल्यूशन मानचित्र पूरी जानकारी का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। गहरे समुद्र को तीन आयामों में माना जाना चाहिए - और, चंद्रमा के विपरीत, यह एक विविध और गतिशील पारिस्थितिकी तंत्र है।

आगंतुकों की एक आश्चर्यजनक संख्या

एक और संबंद्ध और गलत तुलना यह है कि जितने लोगों ने पृथ्वी पर सबसे गहरे स्थान का दौरा किया है, उससे कहीं अधिक लोगों ने चंद्रमा पर पैर रखा है। इस कथन की पुष्टि करना कठिन है। ‘‘पृथ्वी पर सबसे गहरा स्थान’’ मारियाना ट्रेंच, या इसके सबसे गहरे हिस्से (ब्रिटिश सर्वेक्षण जहाज एचएमएस चैलेंजर के नाम पर चैलेंजर डीप) को संदर्भित कर सकता है। फिर भी, 2023 की शुरुआत तक कम से कम 27 और 40 या उससे अधिक लोगों ने चैलेंजर डीप का दौरा किया है। दूसरी ओर, केवल 12 लोगों ने चंद्रमा पर ‘‘पैर रखा है’’ और 24 लोगों ने इसका दौरा किया है।

नज़र से ओझल, दिमाग से ओझल

तो लोग क्यों कहते रहते हैं कि हम गहरे समुद्र की तुलना में चंद्रमा या मंगल के बारे में अधिक जानते हैं?

गहरे समुद्र की तुलना अंतरिक्ष से करना स्वाभाविक लगता है। दोनों अंधेरे, डरावने और दूर हैं। लेकिन हम केवल ऊपर की ओर देखने भर से चंद्रमा को बड़ी आसानी से देख सकते हैं। इसे देखने में सक्षम होने के कारण, हम समुद्र के बहुत गहरे भागों की तुलना में इसे अधिक आसानी से स्वीकार करते हैं। हम चंद्रमा को घटते-बढ़ते देख सकते हैं और हम ज्वार-भाटे के दबाव और खिंचाव का अनुभव कर सकते हैं।

‘‘भयानक बाहरी राक्षस’’

ऐसा लगता है कि हम गहरे समुद्र की तुलना में चंद्रमा के बारे में अधिक जानते हैं, क्योंकि हम इसकी उपस्थिति को स्वीकार करने के लिए मजबूर हैं। यह हमारे जीवन में एक स्थान रखता है जो कि गहरे समुद्र के बारे में नहीं कहा जा सकता है। हम गहरे समुद्र के बारे में ज्यादा नहीं सोचते हैं जब तक कि हम एक वृत्तचित्र या डरावनी फिल्म न देख रहे हों, या शायद किसी ‘‘भयानक बाहरी राक्षस’’ के बारे में पढ़ रहे हैं जो गहरे समुद्र से निकला है।

एक उपयोगी सादृश्य

गहरा समुद्र भौतिक रूप से दुर्गम है, इसकी तुलना अंतरिक्ष से करने से पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक उपयोगी सादृश्य मिल सकता है। लेकिन कुछ गहरे समुद्र के वैज्ञानिकों का तर्क है कि गहरे समुद्र का लगातार अलगाव इसके बारे में हाल के दशकों में सामने आए शोध की विशाल मात्रा को कम कर देता है।

गहरे समुद्र जीव विज्ञान को लगातार एक तंत्र के रूप में संदर्भित किया जाता है जो खुद अपने अध्ययन के क्षेत्र के बारे में कम जानता है, जब इसका मुकाबला वायुमंडल, पानी और जीवन से रहित अपेक्षाकृत छोटी, बंजर चट्टान से किया जाता है । फिर भी यह आत्म-हीन रेखा स्वयं वैज्ञानिकों द्वारा दोहराई जाती है, जो जानते हैं कि गहरे समुद्र के बारे में ज्ञान की कमी को उजागर करने से समुद्र अनुसंधान की आवश्यकता को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। अंततः, हम गहरे समुद्र की तुलना में चंद्रमा के बारे में अधिक जानते हैं, यह विचार अपने आप में लगभग 70 वर्ष पुराना है। हम गहरे समुद्र के बारे में और भी बहुत कुछ जानते हैं - लेकिन अभी और भी बहुत कुछ जानना बाकी है।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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