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हर दिन 2.5 अरब सवालों का जवाब दे रहा ChatGPT, Google की बढ़ा रहा मुश्किलें!

ChatGPT Vs google: दिसंबर 2024 में OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने बताया था कि ChatGPT पर रोजाना 1 अरब क्वेरीज हो रही हैं। अब यह आंकड़ा 2.5 अरब तक पहुंच गया है, जो महज आठ महीनों में दोगुना वृद्धि को दर्शाता है। गूगल अभी भी रोजाना 14 से 16 अरब सर्च क्वेरीज संभालता है।

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ChatGPT अब रोजाना 2.5 अरब प्रॉम्प्ट्स (सवाल) का जवाब दे रहा है।

ChatGPT Handles 2.5 Billion Prompts Daily: एआई स्टार्टअप ओपनएआई का कहना है कि उनका एआई चैटबॉट ChatGPT अब रोजाना 2.5 अरब प्रॉम्प्ट्स (सवाल) का जवाब दे रहा है। दिसंबर 2024 में जहां इसकी डेली क्वेरी संख्या 1 अरब थी, वहीं अब यह आंकड़ा महज 8 महीनों में दोगुना हो गया है। यह तेज ग्रोथ गूगल (Google) जैसे सर्च इंजन को सीधी चुनौती दे रही है।

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8 महीने में दोगुने से ज्यादा हुआ आंकड़ा

दिसंबर 2024 में OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने बताया था कि ChatGPT पर रोजाना 1 अरब क्वेरीज हो रही हैं। अब यह आंकड़ा 2.5 अरब तक पहुंच गया है, जो महज आठ महीनों में दोगुना वृद्धि को दर्शाता है।

अमेरिका से सबसे ज्यादा यूज, लेकिन ग्लोबल असर ज्यादा

इन 2.5 अरब में से लगभग 33 करोड़ क्वेरीज सिर्फ अमेरिका से आती हैं। यह दिखाता है कि ChatGPT का प्रभाव सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनियाभर में इसका तेजी से विस्तार हो रहा है।

Google के 16 अरब डेली सर्च के मुकाबले कहां है ChatGPT?

गूगल अभी भी रोजाना 14 से 16 अरब सर्च क्वेरीज संभालता है, लेकिन ChatGPT की तेज रफ्तार से बढ़ती लोकप्रियता ने इसे मुकाबले में ला खड़ा किया है। एक्सपर्ट के मुताबिक, इंटरनेट का अगला अरब सवाल शायद Google सर्च बार में नहीं, बल्कि ChatGPT के चैटबॉक्स में टाइप होगा।

GPT-4o से और बेहतर हुआ अनुभव

ChatGPT का मौजूदा अनुभव GPT-4o मॉडल से लैस है, जो फास्ट, अधिक समझदार और यूजर-फ्रेंडली है। यह टेक्स्ट, ऑडियो और विजुअल इनपुट को एक साथ प्रोसेस कर सकता है, जिससे यूजर्स को AI का अधिक नेचुरल अनुभव मिलता है।

वेब ब्राउजर, मोबाइल और ऑफिस टूल्स में गहरी पकड़

ChatGPT अब सिर्फ एक वेबसाइट नहीं रहा, बल्कि ब्राउजर एक्सटेंशन, मोबाइल ऐप और ऑफिस टूल्स में भी गहराई से एकीकृत हो चुका है। लोग अब जानकारी ढूंढने, आइडिया बनाने और समस्याएं सुलझाने के लिए तेजी से इसे अपना रहे हैं।

AI और Search के बीच की लाइन धुंधली हो रही है

ChatGPT की सफलता इस बात की ओर इशारा करती है कि पारंपरिक सर्च इंजन और AI असिस्टेंट्स के बीच की सीमा धीरे-धीरे मिट रही है। आने वाले समय में लोग सवालों का जवाब पाने के लिए सर्च इंजन की बजाय AI चैटबॉट्स का ज्यादा इस्तेमाल कर सकते हैं।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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