टेक एंड गैजेट्स

Apple layoff: आईफोन बनाने वाली कंपनी ने कर दिया बड़ी छंटनी का ऐलान, इन लोगों पर पड़ेगा बड़ा असर

कंपनी ने बताया कि ये छंटनी बहुत कम कर्मचारियों को प्रभावित करेगी और वह बाकी विभागों में अभी भी नई भर्तियां कर रही है। कंपनी ने कर्मचारियों को 20 जनवरी तक डिपॉर्टमेंट में दूसरी नौकरी तलाशने का मौका दिया है।

Image

टेक दिग्गज एप्पल ने जॉब्स कट का किया ऐलान। (फोटो क्रेडिट-iStock)

Apple layoffs 2025: दुनिया की ज्यादातर टेक कंपनियों ने इस साल खर्च कम करने, नई भर्तियों की रफ्तार घटाने और टीमों को फिर से व्यवस्थित करने में समय लगाया है। अब तक बड़े पैमाने पर छंटनी से बचने वाली एप्पल भी इस सूची में शामिल हो गई है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एप्पल ने कहा है कि वह अपनी सेल्स टीम में कुछ पद कम कर रही है ताकि ग्राहकों से जुड़ने के तरीके को और बेहतर बनाया जा सके।

कंपनी ने बताया कि ये छंटनी बहुत कम कर्मचारियों को प्रभावित करेगी और वह बाकी विभागों में अभी भी नई भर्तियां कर रही है। एप्पल ने यह भी कहा कि जिन कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित हो रही है, वे कंपनी के अंदर ही दूसरी भूमिकाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें 20 जनवरी तक का समय दिया गया है।

इन लोगों पर पड़ेगा सीधा असर

ब्लूमबर्ग, जिसने यह खबर सबसे पहले दी, ने कहा कि जिन कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित हुई हैं, उनमें वे अकाउंट मैनेजर शामिल हैं जो बड़े बिज़नेस ग्राहकों, स्कूलों-कॉलेजों और सरकारी संस्थाओं को संभालते थे। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि एप्पल के ब्रीफिंग सेंटर में काम करने वाले कुछ लोग—जहाँ कंपनी बड़े ग्राहकों को अपने उत्पादों का डेमो दिखाती है—भी इन कटौतियों से प्रभावित हुए हैं।

एप्पल की सरकारी बिक्री टीम को सबसे बड़ा झटका लगा है। यह टीम अमेरिकी रक्षा विभाग और न्याय विभाग जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करती थी। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, 43 दिनों की सरकारी बंदी और सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) द्वारा किए गए बजट कटौती के बाद यह टीम पहले से ही मुश्किल हालात का सामना कर रही थी।

कई कंपनियों ने भी लिया फैसला

एप्पल ने यह नहीं बताया कि कितने कर्मचारी प्रभावित हुए हैं या किन जगहों पर नौकरियां कम की गई हैं। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब कई बड़ी अमेरिकी कंपनियां फिर से अपने स्टाफ में कटौती कर रही हैं। पिछले कुछ हफ्तों में वेरिजोन, साइनॉप्सिस और आईबीएम जैसे बड़े नामों ने भी धीमी बढ़त और सावधान खर्च के माहौल के चलते नई नौकरी कटौती की घोषणा की है।

भले ही एप्पल ने बाकी टेक कंपनियों की तरह बड़ी छंटनी नहीं की है, लेकिन उसका यह नया कदम दिखाता है कि टेक उद्योग पर कामकाज को सरल बनाने और अनिश्चित आर्थिक माहौल में खर्च नियंत्रित रखने का दबाव बढ़ रहा है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article