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भारतीय डेवलपर्स की छप्परफाड़ कमाई, ऐप स्टोर इकोसिस्टम से कमाए 44 हजार करोड़ रुपये, एप्पल सीईओ ने कहा-आर्थिक चमत्कार

Apple App Store: 2024 में ऐप स्टोर डेवलपर्स ने भौतिक वस्तुओं और सेवाओं की बिक्री से कुल बिलिंग और बिक्री में 38,906 करोड़ रुपए (4.65 बिलियन डॉलर), इन-ऐप विज्ञापन से 3,014 करोड़ रुपए (352.9 मिलियन डॉलर) और डिजिटल वस्तुओं और सेवाओं से 2,527 करोड़ रुपए (302 मिलियन डॉलर) कमाए।

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Photo : iStock

Apple App Store: भारत में ऐप स्टोर इकोसिस्टम ने 2024 में डेवलपर बिलिंग और बिक्री में 44,447 करोड़ रुपए (5.31 बिलियन डॉलर) की सुविधा प्रदान की। यह जानकारी सोमवार को एक नई एप्पल स्टडी से सामने आई है। ऐप्पल के सीईओ टिम कुक ने कहा कि ऐप स्टोर भारत और दुनिया भर के डेवलपर्स के लिए एक आर्थिक चमत्कार रहा है और हम उनके काम को सपोर्ट करने के लिए बेहद खुश हैं।

डेवलपर्स को मिला 94% लाभ

यह स्टडी भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद के प्रोफेसर विश्वनाथ पिंगली ने की है। स्टडी से जानकारी मिलती है कि एप्पल को बिना कोई कमीशन दिए 94 प्रतिशत से अधिक का व्यापारिक लाभ केवल डेवलपर्स और विभिन्न आकार के व्यवसायों को मिला।

कंपनी ने एक बयान में कहा, "पिछले पांच वर्षों में, भारत स्थित डेवलपर्स की ग्लोबल आय तीन गुना हो गई है, जो ऐप स्टोर द्वारा पेश किए जाने वाले जबरदस्त बिजनेस के मौकों और ग्लोबल एक्सेस को दिखाता है।" ऐप्पल के सीईओ टिम कुक ने कहा, "ऐप स्टोर भारत और दुनिया भर के डेवलपर्स के लिए एक आर्थिक चमत्कार रहा है और हम उनके काम को सपोर्ट करने के लिए बेहद खुश हैं।

यह स्टडी भारत की अविश्वसनीय वाइब्रेंट ऐप इकोनॉमी की पावर को दर्शाती है। हम सभी डेवलपर्स की सफलता में निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध हैं क्योंकि वे ऐसे ऐप बनाते हैं जो महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं और लोगों के जीवन को समृद्ध बनाते हैं।" प्रोफेसर पिंगली की स्टडी भारत में ऐप स्टोर इकोसिस्टम को आकार देने वाले प्रमुख कारकों पर एक नजर डालती है। इसमें फूड डिलिवरी, ट्रैवल, गेमिंग और एंटरटेनमेंट जैसे सेक्टर में बढ़ते ऐप इस्तेमाल की बात की गई है।

2024 में ऐप स्टोर डेवलपर्स ने भौतिक वस्तुओं और सेवाओं की बिक्री से कुल बिलिंग और बिक्री में 38,906 करोड़ रुपए (4.65 बिलियन डॉलर), इन-ऐप विज्ञापन से 3,014 करोड़ रुपए (352.9 मिलियन डॉलर) और डिजिटल वस्तुओं और सेवाओं से 2,527 करोड़ रुपए (302 मिलियन डॉलर) कमाए।

पंद्रह साल से भी ज्यादा समय पहले लॉन्च के बाद से डेवलपर्स के पास अपने ऐप से कमाई करने और ऐप स्टोर पर सफल व्यवसाय बनाने के पहले से कहीं ज्यादा तरीके हैं। वर्ष 2024 में भारत के एक्टिव डेवलपर्स अलग-अलग रेंज की ऐप कैटेगरी जैसे गेम्स, हेल्थ, फिटनेस, लाइफस्टाइल और यूटिलिटी को लेकर सफल रहे।

वर्ष 2024 में इंडिया-बेस्ड डेवलपर्स की ऐप स्टोर आय का 80 प्रतिशत देश के बाहर के यूजर्स के जरिए आया और 87 प्रतिशत डेवलपर्स मल्टीपल स्टोरफ्रंट पर एक्टिव थे।

एप्पल ने कहा, ऐसे ऐप्स जो कि इंडिया-बेस्ड डेवलपर्स ने तैयार किए थे, भारत के बाहर स्टोरफ्रंट में सबसे ज्यादा डाउनलोड किए जाने वाले ऐप्स की कैटेगरी में दिखाई दिए हैं। इंडिया-बेस्ड डेवलपर्स के ऐप भारत के बाहर 70 स्टोरफ्रंट में टॉप 100 सबसे अधिक डाउनलोड किए गए ऐप में शामिल थे। ऐप स्टोर पर सफल वैश्विक व्यवसाय बनाने के अलावा डेवलपर्स भारत भर में स्थानीय दर्शकों तक पहुंचना जारी रखते हैं।

पिछले पांच वर्षों में भारतीय यूजर्स द्वारा ऐप डाउनलोड में तीन गुना से ज्यादा वृद्धि हुई है और डेवलपर्स की आय भी पांच गुना से अधिक हो गई है। विशेष रूप से छोटे डेवलपर्स को एप्पल के इकोसिस्टम का सपोर्ट मिला है। छोटे डेवलपर्स की कुल ऐप स्टोर आय 2021 और 2024 के बीच 74 प्रतिशत बढ़ी है।

छोटे डेवलपर्स को सपोर्ट देने के लिए डिजाइन किए गए 'ऐप स्टोर स्मॉल बिजनेस प्रोग्राम' पहल ने इन डेवलपर्स को कम कमीशन दर पर अधिक सुविधा प्रदान की है। एप्पल ने कहा कि वह भारत भर के डेवलपर्स को ऐप बिजनेस निर्माण में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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