आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह लोगों की भावनाओं और रिश्तों को भी प्रभावित करने लगा है। डिजिटल कैरेक्टर अब इतने रियल लगने लगे हैं कि लोग उनसे जुड़ाव महसूस करने लगे हैं और कभी-कभी यह जुड़ाव हकीकत से भी ज्यादा गहरा हो जाता है।
‘वर्चुअल प्रेम’ की अनोखी कहानी
चीन के हुबेई प्रांत की 84 वर्षीय महिला झांग यूलान की कहानी इन दिनों चर्चा में है। झांग एक AI से बनाए गए वर्चुअल कैरेक्टर “जियानगुओ” के प्यार में पड़ गईं। यह कैरेक्टर एक “बॉसी प्रेसिडेंट” के रूप में दिखाया जाता था, जो छोटे वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर काफी लोकप्रिय था।
10 घंटे रोज देखती थीं वीडियो
शुरुआत में यह सिर्फ मनोरंजन था, लेकिन धीरे-धीरे यह उनकी दिनचर्या बन गया। झांग हर दिन 10 घंटे से ज्यादा समय जियानगुओ और ऐसे ही अन्य AI कैरेक्टर्स के वीडियो देखने में बिताने लगीं। इस दौरान उन्होंने असली दुनिया से दूरी बनानी शुरू कर दी और अपना ज्यादातर समय इसी वर्चुअल दुनिया में बिताने लगीं।
प्यार में लिखे खत और खर्च कर डाले हजारों
झांग का लगाव इतना बढ़ गया कि उन्होंने जियानगुओ को प्रेम पत्र लिखना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने उसके ऑनलाइन स्टोर से करीब 7,000 युआन (लगभग 96,000 रुपये) तक खर्च कर डाले। इसके अलावा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी उन्होंने कई बार महंगे दामों में सामान खरीदा, जो असल में बहुत सस्ता था। मार्च महीने में उन्होंने AI कैरेक्टर द्वारा सुझाई गई किताबों पर भी करीब 16,000 रुपये खर्च किए।
परिवार को हुआ शक, उठाया बड़ा कदम
परिवार वालों को जब उनकी बढ़ती ऑनलाइन एक्टिविटी और खर्च का पता चला, तो वे चिंतित हो गए। उनकी पोती ने इस मामले की शिकायत चीन के कंज्यूमर सिस्टम में दर्ज कराई। परिवार को झांग के भावनात्मक जुड़ाव और लगातार हो रहे खर्च दोनों को लेकर चिंता थी।
सरकार ने लिया एक्शन
इस मामले के सामने आने के बाद चीन के साइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ने जियानगुओ के अकाउंट को बंद कर दिया। यह कार्रवाई “क्लियर एंड ब्राइट” अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य इंटरनेट पर फैल रही अव्यवस्था को नियंत्रित करना है।
क्या है इस घटना का बड़ा संदेश?
यह घटना दिखाती है कि AI तकनीक जहां एक ओर जीवन को आसान बना रही है, वहीं दूसरी ओर यह खासकर बुजुर्गों जैसे संवेदनशील वर्ग के लिए जोखिम भी बन सकती है। लंबे समय तक बिना निगरानी के ऑनलाइन रहने से ऐसे लोग वर्चुअल दुनिया में खो सकते हैं, जिसका असर उनकी भावनाओं और आर्थिक स्थिति दोनों पर पड़ता है।
