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AI हैकिंग के बढ़ते खतरे के बीच एपल ने जारी किया iOS 26.5.2, कई गंभीर सिक्योरिटी खामियां हुईं दूर

Apple ने iOS 26.5.2 का अपडेट जारी कर दिया है जो कि कुछ चुनिंदा iPhone और iPad के लिए है। एपल के मुताबिक यह अपडेट एआई के जरिए हैकिंग के बढ़ते खतरे को देखते हुए रिलीज किया गया है और इसमें खई सारे बग भी फिक्स किए गए हैं।

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AI हैकिंग के बढ़ते खतरे के बीच एपल ने जारी किया iOS 26.5.2, कई गंभीर सिक्योरिटी खामियां हुईं दूर Image: Unsplash

एपल ने अपने चुनिंदा आईफोन और आईपैड यूजर्स के लिए iOS 26.5.2 और iPadOS 26.5.2 अपडेट जारी कर दिया है। यह अपडेट सामान्य शेड्यूल से पहले जारी किया गया है और इसका मुख्य उद्देश्य आईफोन की सुरक्षा को मजबूत बनाना है। रिपोर्ट के मुताबिक, AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से तेजी से विकसित हो रहे हैकिंग टूल्स को देखते हुए कंपनी ने इस सिक्योरिटी अपडेट की रिलीज प्रक्रिया को तेज कर दिया।

AI की वजह से बदली अपडेट जारी करने की रणनीति

रिपोर्ट के अनुसार, एपल का कहना है कि AI की मदद से साइबर अपराधी पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से नए हैकिंग टूल्स तैयार कर पा रहे हैं। ऐसे में कंपनी अब सिक्योरिटी अपडेट्स को जल्द से जल्द यूजर्स तक पहुंचाने की रणनीति अपना रही है, ताकि संभावित कमजोरियों का फायदा उठाने का समय साइबर हमलावरों को न मिल सके।

iOS 26.6 के बजाय पहले आया iOS 26.5.2

आमतौर पर एपल बड़े सिक्योरिटी सुधार प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट्स के साथ जारी करता है। इस बार जिन सिक्योरिटी फिक्स को iOS 26.6 और iPadOS 26.6 के स्थिर (Stable) वर्जन के साथ आने की उम्मीद थी, उन्हें कंपनी ने पहले ही iOS 26.5.2 और iPadOS 26.5.2 के जरिए उपलब्ध करा दिया है।

इन सुरक्षा खामियों को किया गया ठीक

एपल के रिलीज नोट्स के अनुसार, नया अपडेट कई महत्वपूर्ण सिक्योरिटी कमजोरियों को दूर करता है। इनमें एक ऐसी खामी शामिल थी, जिसके जरिए कोई एप अचानक सिस्टम को क्रैश या बंद (System Termination) करा सकता था। इसके अलावा एक दूसरी कमजोरी ऐसी थी, जिससे कोई एप कर्नेल मेमोरी (Kernel Memory) में बदलाव कर सकता था, जो डिवाइस की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी।

किन डिवाइस को मिलेगा अपडेट?

iOS 26.5.2 अपडेट iPhone 11 और उससे नए सभी समर्थित आईफोन मॉडल्स के लिए उपलब्ध कराया गया है। वहीं, समर्थित आईपैड मॉडल्स के लिए iPadOS 26.5.2 भी जारी किया गया है।

फिलहाल दुरुपयोग का कोई सबूत नहीं

एपल ने बताया है कि अब तक उसे ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि इन सिक्योरिटी कमजोरियों का वास्तविक साइबर हमलों में इस्तेमाल किया गया हो। हालांकि, संभावित खतरे को देखते हुए कंपनी ने इन्हें समय रहते ठीक करने का फैसला किया है, ताकि यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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