टेक एंड गैजेट्स

सावधान: किसी की बारात में पैसे लुटा देना लेकिन इस 'सिया अरोड़ा' का कॉल रिसीव मत करना

ग्रुप के एडमिन द्वारा दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद पीड़ित ने ‘VSLNHW’ नाम की एक ऐप डाउनलोड की, जिसे ठगों ने ट्रेडिंग के लिए सुझाया था। इसी एप के जरिए निवेश करने का लालच दिया गया। पीड़ित ने 13 दिसंबर से 27 दिसंबर के बीच कुल 10 ट्रांजैक्शन में 9.70 लाख रुपये RTGS के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए। ये सभी खाते ठगों द्वारा “निवेश” के नाम पर बताए गए थे।

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beware from Siya Arora gangs/Photo-AI

कुछ साल पहले तक वही लोग किसी तरह के स्कैम या फ्रॉड के शिकार होते थे जो अनपढ़ या कम समझदार होते थे लेकिन अब वक्त बदल गया है। अब साइबर फ्रॉड के शिकार सिर्फ वही लोग हो रहे हैं जो ज्यादा पढ़े लिखे हैं और बड़ी-बड़ी कंपनियों में काम कर रहे हैं। आज हम आपको स्कैम करने वाले एक ऐसे गैंग के बारे में बताएंगे जिसके कारनामे सुनकर आप अंदर से हिल जाएंगे। इस साइबर फ्रॉड गैंग का नाम सिया अरोड़ा है।

सेवानिवृत्त सुपरिंटेंडेंट को बनाया शिकार

साइबर ठगों ने इस बार CGST विभाग के एक सेवानिवृत्त सुपरिंटेंडेंट को अपना शिकार बनाया। पुलिस के मुताबिक, 61 वर्षीय पीड़ित विक्रोली (पूर्व) के कन्नमवार नगर में अपने परिवार के साथ रहते हैं और जुलाई 2024 में CGST से सुपरिंटेंडेंट पद से रिटायर हुए थे। 25 नवंबर को उन्हें व्हाट्सएप पर एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को वेंचुरा सिक्योरिटीज से जुड़ा बताया।

‘Limited CLUB-60’ ग्रुप में जोड़ा गया

कॉल के बाद पीड़ित को ‘Limited CLUB-60’ नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया। इस ग्रुप में शेयर खरीदने-बेचने से जुड़ी जानकारियां, टिप्स और कथित मुनाफे के दावे किए जा रहे थे, जिससे पीड़ित का भरोसा धीरे-धीरे जीत लिया गया।

फर्जी ऐप डाउनलोड कराई गई

ग्रुप के एडमिन द्वारा दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद पीड़ित ने ‘VSLNHW’ नाम की एक ऐप डाउनलोड की, जिसे ठगों ने ट्रेडिंग के लिए सुझाया था। इसी एप के जरिए निवेश करने का लालच दिया गया। पीड़ित ने 13 दिसंबर से 27 दिसंबर के बीच कुल 10 ट्रांजैक्शन में 9.70 लाख रुपये RTGS के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए। ये सभी खाते ठगों द्वारा “निवेश” के नाम पर बताए गए थे।

अकाउंट में दिखा शून्य बैलेंस

कुछ समय बाद जब पीड़ित ने अपनी वर्चुअल ट्रेडिंग अकाउंट चेक की, तो उसमें शून्य बैलेंस दिखाई दिया। इस पर उन्होंने ग्रुप की एडमिन सिया अरोड़ा से संपर्क किया। एडमिन ने पहले और पैसा निवेश करने को कहा और जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो साफ इनकार कर दिया गया।

बेटे को बताई आपबीती, पुलिस में शिकायत

ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने अपने बेटे को पूरी बात बताई। इसके बाद वे विक्रोली पुलिस स्टेशन पहुंचे और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे शेयर ट्रेडिंग, निवेश और मोटे मुनाफे के लालच में अनजान कॉल, व्हाट्सएप ग्रुप और संदिग्ध एप्स पर भरोसा न करें, वरना साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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