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एयरलाइन ने पैसेंजर्स को Apple का ये प्रोडक्ट रखने से मना किया, जानें वजह

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 11, 2022, 05:00 PM IST

Lufthansa ने अपनी फ्लाइट में पैसेंजर्स को AirTags को बैन कर दिया है। ये एक ट्रैकर है जो किसी भी चीज को ट्रैक करने के काम आता है।

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Apple Airtag (Photo- UnSplash)

Apple AirTags को Lufthansa ने अपने फ्लाइट में लगेज के साथ कैरी करने के लिए पैसेंजर्स को मना कर दिया। मना करने को लेकर कंपनी ने कहा कि ये डिवाइस हवाई यात्रा के लिए खतरनाक है। AirTag यात्रियों द्वारा सबसे ज्यादा उपयोग की जाने वाली डिवाइस है। इसकी मदद से लगेज को रियल टाइम में ट्रैक किया जा सकता है। ऐसे में ये लगेज को खोने से बचाता है। हालांकि, ICAO (इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन) गाइडलाइंस का हवाला देते हुए Lufthansa ने AirTag को बैन कर दिया है।

Apple Insider की एक रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि बैन पर पूछ जाने पर Lufthansa की ओर से एक ट्वीट कर कंफर्म किया गया है कि कंपनी ने एक्टिवेटेड AirTags को लगेज से बैन किया है। क्योंकि, ये इन्हें खतरनाक की श्रेणी में रखा गया है और इन्हें बंद रखना जरूरी है।

Lufthansa ने AirTags को बैन करने के पीछे Lufthansa की गाइडलाइन का हवाला दिया है। ICAO की गाइडलाइन के मुताबिक, बैगेज ट्रैकर्स खतरनाक सामान नियमों के अधीन हैं। उनके ट्रांसमिशन फंक्शन के चलते अगर ये फ्लाइ़ट में चेक्ड बैगेज में हैं ट्रैकर्स को डिएक्टिवेट करना जरूरी है। ऐसे में इस डिवाइस को फ्लाइट में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि ICAO की गाइडलाइन के कारण AirTag को Luftansa को बैन करने का दावा गलत है। क्योंकि, Lufthansa जिस नियम का हवाला दे रहा है उसके मुताबिक लिथियम आयन बैटरी वाली डिवाइसेज की बात कही गई है। इसमें सितंबर 2015 से फरवरी 2017 के बीच खरीदे गए 15-inch Apple MacBook Pro जैसे मॉडल्स आते हैं। Apple AirTag तुलनात्मक तौर पर बहुत ही छोटी बैटरी के साथ आता है।

AirTag CR2032 सेल का इस्तेमाल करता है। ऐसे में लिथियम आयन बैटरी नहीं होती, तो ये रेगुलेशन के अंदर भी नहीं आता। अगर CR2032 सेल्स फ्लाइट के लिए हानिकारक हैं। तो ऐसी कई स्मार्टवॉच को भी फ्लाइट में बैन करना चाहिए।

रिपोर्ट में कहा गया है कि Lufthansa द्वारा Apple AirTag को बैन करने को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। कुछ रिपोर्ट्स में ये कहा गया है कि ये कदम लोगों को उनके लगेज को ट्रैक करने से रोकने का तरीका है। क्योंकि, इससे एयरलाइन को मिसमैनेजमेंट के लिए आए दिन शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है।

साकेत सिंह बघेल
साकेत सिंह बघेलauthor

साकेत सिंह बघेल टाइम्स नाउ नवभारत के लिए टेक सेक्शन कवर करते हैं. इन्हें टेक कवर करते हुए करीब 5 साल हो चुके हैं। इस दौरान इन्होनें ढेरों गैजेट्स को रिव्यू करने और टेक्नोलॉजी के बारे में लिखने के साथ-साथ देशभर के कई ऑनलाइन-ऑफलाइन इवेंट्स को कवर भी किया है। एक्सपर्ट इंटरव्यूज भी किए हैं। टेक की स्टोरीज कवर करने के अलावा साकेत को फोटोग्राफी और गज़लों में भी काफी दिलचस्पी है।

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