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इंसानों द्वारा बना AI अब बताएगा इंसानों की मौत की तारीख, जानें कैसे करता है भविष्यवाणी

AI Death Prediction Tool: रिसर्चर्स का दावा है कि यह इंसानों की जीवन काल की 78 प्रतिशत सटीकता के साथ भविष्यवाणी कर सकता है। इस सिस्टम का नाम AI Life2vec सिस्टम है और इसे ChatGPT के अनुरूप तैयार किया गया है।

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AI Death Prediction

Photo : iStock

AI Death Prediction Tool: कंटेंट लिखने और फोटो क्रिएट करने के अलावा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कई अन्य चीजों में भी इस्तेमाल होने लगा है। अब स्मार्टफोन में भी एआई का उपयोग बढ़ रहा है। लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि इंसानों द्वारा बनाया गया एआई अब इंसानों की मौत की तारीख बता सकता है। डेनमार्क के टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय के रिसर्चर्स ने एक एआई-आधारित डेथ प्रिडिक्टर विकसित किया है, जो व्यक्तियों के जीवन काल की भविष्यवाणी कर सकता है, वो भी सटीकता के साथ।

कैसे काम करता है AI डेथ प्रेडिक्टर?

डेनमार्क के टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के रिसर्चर्स ने इस AI डेथ प्रिडिक्टर को डेवलप किया है। रिसर्चर्स का दावा है कि यह इंसानों की जीवन काल की 78 प्रतिशत सटीकता के साथ भविष्यवाणी कर सकता है। इस सिस्टम का नाम AI Life2vec सिस्टम है और इसे ChatGPT के अनुरूप तैयार किया गया है। यह सिस्टम अपनी भविष्यवाणियों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यवसाय और आय जैसी व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग करता है।

78 प्रतिशत सटीकता से करता है मौत की भविष्यवाणी

डेनमार्क के जनसंख्या डेटा का उपयोग करते हुए मॉडल इसकी सटीकता को रिफाइन करता है। एआई मॉडल को 2008 से 2020 तक 6 मिलियन लोगों से जुड़े स्वास्थ्य और श्रम मार्केट डेटा का एनालिसिस किया गया है और इसने मृत्यु भविष्यवाणी की 78 प्रतिशत सटीकता दर प्राप्त की है।

ChatGPT की टेक्नोलॉजी का हुआ इस्तेमाल

दिसंबर 2023 के "यूजिंग सीक्वेंस ऑफ लाइफ इवेंट्स टू प्रोडक्ट ह्यूमन लाइव्स" अध्ययन के प्रमुख लेखक सुने लेहमैन ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि हम प्रत्येक व्यक्ति को उनके जीवन में होने वाली घटनाओं के आधार पर मानव जीवन का विश्लेषण करने के लिए ChatGPT के पीछे की तकनीक का उपयोग करते हैं।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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