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गुजरात के बाद मेघालय सरकार ने Starlink के साथ की साझेदारी, जल्द हो सकती है लॉन्चिंग

मुख्यमंत्री कॉनराड कोंगकल संगमाने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस समझौते की जानकारी देते हुए इसे राज्य के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 8 वर्षों में राज्य ने इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काफी प्रगति की है, लेकिन अब भी कई दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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गुजरात के बाद मेघालय सरकार ने Starlink के साथ की साझेदारी, जल्द हो सकती है लॉन्चिंग

गुजरात सरकार के बाद अब उत्तर-पूर्वी राज्य मेघालय सरकार ने भी डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने Starlink इंडिया के साथ एक समझौता (MoU) साइन किया है, जिसका उद्देश्य दूरदराज और दुर्गम इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने बताया ऐतिहासिक कदम

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड कोंगकल संगमाने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस समझौते की जानकारी देते हुए इसे राज्य के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 8 वर्षों में राज्य ने इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काफी प्रगति की है, लेकिन अब भी कई दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

सैटेलाइट इंटरनेट से बदलेगी तस्वीर

Starlink लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट्स के जरिए इंटरनेट सेवा प्रदान करता है। इसकी खास बात यह है कि यह पारंपरिक मोबाइल टावर या फाइबर नेटवर्क पर निर्भर नहीं होता, जिससे पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों में भी आसानी से इंटरनेट उपलब्ध कराया जा सकता है। छोटे सैटेलाइट डिश की मदद से गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाया जा सकेगा।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा

बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी से दूरदराज के स्कूलों को ऑनलाइन क्लासेस और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म्स का लाभ मिलेगा। इससे छात्रों की पढ़ाई में सुधार होगा। वहीं, हेल्थकेयर सेक्टर में टेलीमेडिसिन सेवाएं मजबूत होंगी, जिससे मरीज बिना लंबी यात्रा किए डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे।

रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

इस पहल से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को ऑनलाइन काम, डिजिटल बिजनेस और बड़े बाजारों तक पहुंच मिलेगी। इससे शहरों की ओर पलायन भी कम हो सकता है।

IT हब बनाने की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिलांग को उत्तर-पूर्व का IT और टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में काम कर रही है। इससे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे और डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत होगा। इसके अलावा सैटेलाइट इंटरनेट की एक बड़ी खासियत यह है कि यह भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान भी काम करता है, जब पारंपरिक नेटवर्क फेल हो जाते हैं। इससे आपातकालीन सेवाओं को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

भारत में कब लॉन्च होगा स्टारलिंक?

भले ही राज्य सरकारें स्टारलिंक के साथ साझेदारी कर रही हैं, लेकिन अभी भी स्टारलिंक के भारत में लॉन्चिंग को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, हालांकि इन साझेदारियों के जरिए अनुमान लगाया जा सकता है कि भारत में स्टारलिंक जल्द लॉन्च हो सकता है। सरकार की ओर से भी स्टारलिंक को मंजूरी मिल गई है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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