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स्मार्टफोन चार्ज करते समय न करें ये गलतियां, वरना आपके महंगे फोन की बैटरी हो सकती है चौपट

स्मार्टफोन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं ऐसे में अगर हमारा फोन खराब हो जाए तो बड़ा बोझ बढ़ सकता है। अक्सर लोग फोन चार्ज करते समय कुछ ऐसी कॉमन गलतियां करते हैं जिससे नए फोन के खराब होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

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स्मार्टफोन चार्ज करते समय हमें कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। (फोटो क्रेडिट-Digit)

स्मार्टफोन खरीदते समय हम उसके कैमरे, डिजाइन और फीचर्स पर खूब ध्यान देते हैं। फोन की सुरक्षा के लिए अच्छा कवर और टेम्पर्ड ग्लास भी लगवाते हैं। लेकिन जब बात बैटरी की देखभाल की आती है, तो कई बार छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं। यही गलतियां धीरे-धीरे फोन की बैटरी की सेहत पर असर डाल सकती हैं। अगर आपके फोन की बैटरी पहले के मुकाबले जल्दी खत्म हो रही है या चार्जिंग के दौरान फोन ज्यादा गर्म होता है, तो इसकी वजह चार्जिंग का तरीका भी हो सकता है।

अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतें अपनाकर बैटरी को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रखा जा सकता है। आइए जानते हैं स्मार्टफोन चार्ज करते समय किन गलतियों से बचना चाहिए।

फोन को पूरी रात चार्जिंग पर लगाकर न छोड़ें

कई लोगों की आदत होती है कि वे रात में सोने से पहले फोन चार्जिंग पर लगा देते हैं और सुबह उठने पर ही उसे हटाते हैं। आधुनिक स्मार्टफोन में चार्जिंग को नियंत्रित करने वाले फीचर्स होते हैं, इसलिए पूरी रात चार्जिंग पर लगा रहना हर बार बैटरी के लिए नुकसानदायक नहीं होता। लेकिन लंबे समय तक फोन गर्म रहना और लगातार 100 प्रतिशत चार्ज के आसपास बने रहना बैटरी की उम्र पर असर डाल सकता है।

बैटरी को लंबे समय तक अच्छी स्थिति में रखने के लिए फोन की सेटिंग्स में मौजूद Optimised Charging या Battery Protection जैसे फीचर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। कुछ फोन में चार्जिंग की अधिकतम सीमा तय करने का विकल्प भी मिलता है।

बैटरी को बार-बार 0 से 100 प्रतिशत तक चार्ज न करें

अगर आप सोचते हैं कि फोन की बैटरी पूरी तरह खत्म होने के बाद ही उसे चार्ज करना चाहिए, तो यह आदत बदलना बेहतर होगा। आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में लिथियम-आयन या लिथियम-पॉलिमर बैटरी इस्तेमाल होती है। इन्हें बार-बार पूरी तरह डिस्चार्ज करने की जरूरत नहीं होती।

बैटरी की सेहत बनाए रखने के लिए आप इन बातों का ध्यान रख सकते हैं:

  • बैटरी करीब 20 प्रतिशत तक पहुंचने पर फोन चार्ज कर लें।
  • रोजाना इस्तेमाल में जरूरत के हिसाब से 80 से 85 प्रतिशत तक चार्ज करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
  • जब ज्यादा समय तक फोन इस्तेमाल करना हो, तो जरूरत पड़ने पर 100 प्रतिशत चार्ज करना भी ठीक है।
  • फोन को बार-बार पूरी तरह बंद होने तक इस्तेमाल करने से बचें।

ध्यान रखें कि 20 से 80 प्रतिशत के बीच बैटरी रखना कोई सख्त नियम नहीं है। यह बैटरी की उम्र बढ़ाने में मदद करने वाली एक सामान्य सलाह है।

चार्जिंग के दौरान गेमिंग और वीडियो कॉल करने से बचें

फोन चार्ज करते समय अगर आप लगातार भारी गेम खेलते हैं, वीडियो रिकॉर्ड करते हैं या लंबी वीडियो कॉल करते हैं, तो डिवाइस ज्यादा गर्म हो सकता है। इसकी वजह यह है कि चार्जिंग के दौरान बैटरी में गर्मी पैदा होती है और भारी ऐप्स चलाने से प्रोसेसर भी ज्यादा काम करता है। दोनों का असर मिलकर फोन का तापमान बढ़ा सकता है।

कभी-कभार चार्जिंग के दौरान फोन इस्तेमाल करने से बैटरी तुरंत खराब नहीं हो जाती। लेकिन अगर फोन लगातार गर्म हो रहा है, तो उसे कुछ समय के लिए इस्तेमाल करना बंद कर दें। खासतौर पर चार्जिंग के दौरान लंबे समय तक भारी गेम खेलने से बचना बेहतर है।

फोन को तकिए या बिस्तर पर रखकर चार्ज न करें

फोन चार्ज करने की जगह भी काफी मायने रखती है। कई लोग फोन को तकिए, कंबल या गद्दे पर रखकर चार्ज करते हैं। ऐसी जगहों पर फोन से निकलने वाली गर्मी आसानी से बाहर नहीं निकल पाती। इससे डिवाइस का तापमान बढ़ सकता है। फोन को सुरक्षित तरीके से चार्ज करने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

  • फोन को किसी सपाट और सख्त सतह पर रखें।
  • चार्जिंग के दौरान फोन को तकिए या कंबल के नीचे न दबाएं।
  • फोन और चार्जर को पानी से दूर रखें।
  • अगर फोन असामान्य रूप से गर्म हो जाए, तो चार्जिंग रोककर उसे ठंडा होने दें।

फोन की गर्मी को नजरअंदाज करना सही नहीं है, क्योंकि बहुत ज्यादा तापमान बैटरी की सेहत और सुरक्षा दोनों को प्रभावित कर सकता है।

मोटे कवर की वजह से बढ़ सकती है गर्मी

कुछ स्मार्टफोन कवर काफी मोटे होते हैं। सामान्य इस्तेमाल में ये फोन को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं, लेकिन अगर चार्जिंग के दौरान फोन जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा है, तो कवर भी इसकी एक वजह हो सकता है।

ऐसी स्थिति में चार्जिंग करते समय कवर हटाकर फोन को किसी सुरक्षित और हवादार जगह पर रख सकते हैं। हालांकि, हर फोन के लिए कवर हटाना जरूरी नहीं है। अगर डिवाइस सामान्य तापमान पर काम कर रहा है, तो केवल कवर लगा होने से बैटरी खराब होने की आशंका नहीं मानी जानी चाहिए।

सस्ते और घटिया क्वालिटी वाले चार्जर से बचें

फोन का चार्जर खराब होने पर कई लोग बाजार से मिलने वाला सबसे सस्ता चार्जर या केबल खरीद लेते हैं। ऐसा करना जोखिम भरा हो सकता है, खासकर अगर चार्जर की क्वालिटी खराब हो या उसमें जरूरी सुरक्षा फीचर्स न हों। खराब चार्जर से फोन की चार्जिंग में परेशानी, जरूरत से ज्यादा गर्मी या इलेक्ट्रिकल नुकसान हो सकता है। इसलिए चार्जर खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें:

  • फोन बनाने वाली कंपनी के ओरिजिनल चार्जर को प्राथमिकता दें।
  • किसी भरोसेमंद ब्रांड का प्रमाणित और फोन के अनुकूल चार्जर चुनें।
  • चार्जर की वॉट क्षमता और फोन की फास्ट चार्जिंग सपोर्ट की जांच करें।
  • कटे-फटे तार या ढीले कनेक्टर वाली केबल का इस्तेमाल न करें।
  • चार्जर या केबल खराब होने पर उसे बदल दें।

सिर्फ कम कीमत देखकर चार्जर खरीदना सही फैसला नहीं है। अच्छी क्वालिटी का चार्जर फोन और बैटरी की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

फोन गर्म होने लगे तो क्या करें?

अगर चार्जिंग के दौरान फोन सामान्य से ज्यादा गर्म हो रहा है, तो सबसे पहले यह देखें कि कहीं कोई भारी ऐप तो नहीं चल रहा। जरूरत पड़ने पर फोन का इस्तेमाल रोक दें और उसे ठंडा होने दें। फोन को ठंडा करने के लिए फ्रिज में न रखें और न ही उस पर पानी डालें। अगर फोन बार-बार बहुत गर्म होता है, बैटरी फूलने लगती है, अजीब गंध आती है या चार्जिंग के दौरान कोई दूसरी असामान्य समस्या दिखाई देती है, तो चार्जर हटाना सुरक्षित हो तो हटाएं और फोन का इस्तेमाल बंद कर दें। ऐसी स्थिति में अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच करवाएं।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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