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जरांगे के ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच की मांग: शिवसेना नेताओं ने फडणवीस से की मुलाकात, क्या है 500 करोड़ रुपये का मामला?

Jarange Audio Clip: शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के उस ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच की मांग की है, जिसमें 500 करोड़ रुपये देने के आरोप लगाए गए हैं।

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जरांगे के ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच की मांग: शिवसेना नेताओं ने फडणवीस से की मुलाकात, क्या है 500 करोड़ रुपये का मामला?

Shiv Sena Leaders Meet Devendra Fadnavis: मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे द्वारा जारी किए गए एक विवादित ऑडियो क्लिप को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। इसे लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलने बृहस्पतिवार को शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने इस ऑडियो क्लिप की विस्तृत फॉरेंसिक जांच कराए जाने की पुरजोर मांग की है। ऑडियो क्लिप में जारांगे ने आरोप लगाया है कि सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिये उन्हें 500 करोड़ रुपये देने की बात कही गई है।

क्या है पूरा मामला और ऑडियो क्लिप के आरोप?

500 करोड़ के लेन-देन का दावा: जालना में मनोज जरांगे द्वारा एक ऑडियो क्लिप सार्वजनिक किया गया था, जिसमें यह दावा किया गया कि उन्हें 'चुप कराने' और आरक्षण आंदोलन को कुचलने के लिए सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से 500 करोड़ रुपये देने की बात कही गई है।

साजिश का आरोप: इस कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग में एक व्यक्ति यह कहता सुनाई देता है कि सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए इतनी बड़ी रकम पहुंचाई जा चुकी है। इसके अलावा, रिकॉर्डिंग के दूसरे हिस्से में आगामी विधानसभा चुनावों में जरांगे के प्रभाव से पार्टी को होने वाले राजनीतिक नफे पर चर्चा होने का दावा भी किया गया है।

शिवसेना का कड़ा रुख और भाजपा से सवाल

एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर साजिश करार दिया है। शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान न सिर्फ इस ऑडियो की सच्चाई सामने लाने की मांग की, बल्कि भाजपा के उन कुछ स्थानीय नेताओं से भी तीखे सवाल किए जिनके नाम इस वायरल ऑडियो में सामने आए हैं।

शिवसेना ने स्पष्ट किया है कि बिना किसी ठोस आधार के पार्टी और सांसद श्रीकांत शिंदे की छवि खराब करने के इस षड्यंत्र का पर्दाफाश होना बेहद जरूरी है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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