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बॉस ने WhatsApp पर ‘OK’ लिखा दिया तो भी छुट्टी पक्की नहीं! Boss Scam आपको बुरा फंसा देगा

बॉस से आपने WhatsApp पर छुट्टी मांगी और उन्होंने OK कह दिया, इसका मतलब यह नहीं कि आपकी छुट्टी मंजूर हो गई? Boss Scam ने रेलवे के एक कर्मचारी को चूना लगा दिया है।

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WhatsApp का ‘OK’ क्यों नहीं है काफी?

आजकल ऑफिस के काम से लेकर छुट्टी मांगने तक के लिए WhatsApp का इस्तेमाल आम हो गया है। कर्मचारी बॉस को छुट्टी का मैसेज भेजते हैं और जवाब में ‘OK’ मिलते ही निश्चिंत हो जाते हैं। लेकिन सावधान! WhatsApp पर मिला ‘OK’ हमेशा छुट्टी की आधिकारिक मंजूरी नहीं माना जा सकता। CAT के एक मामले ने इस बात को साफ कर दिया है। यह मामला Boss Scam की याद भी दिलाता है, जहां भरोसेमंद दिखने वाले मैसेज को बिना जांचे सही मान लेना परेशानी में डाल सकता है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला उत्तर मध्य रेलवे के एक कर्मचारी से जुड़ा है, जिसने अपनी छुट्टी दो दिन बढ़ाने की मांग की थी। कर्मचारी ने इस संबंध में अपने बॉस से संपर्क किया और WhatsApp पर जवाब में ‘OK’ मिलने के बाद छुट्टी को मंजूर समझ लिया। बाद में कर्मचारी ने अपने ट्रांसफर को चुनौती देते हुए केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) का दरवाजा खटखटाया। हालांकि, CAT ने उसकी याचिका खारिज कर दी।

WhatsApp का ‘OK’ क्यों नहीं है काफी?

रेलवे की ओर से दलील दी गई कि छुट्टी की आधिकारिक मंजूरी HRMS (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए होनी थी। ऐसे में केवल WhatsApp पर मिले ‘OK’ को छुट्टी मंजूर होने का निर्णायक सबूत नहीं माना जा सकता। यानी बॉस ने मैसेज का जवाब दे दिया, इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि विभाग की निर्धारित प्रक्रिया भी पूरी हो गई हो।

Boss Scam से क्या है कनेक्शन?

Boss Scam में ठग अक्सर अधिकारी या बॉस बनकर कर्मचारियों को मैसेज करते हैं और भरोसा जीतकर उनसे पैसे ट्रांसफर करने या गोपनीय जानकारी साझा करने को कहते हैं। कई बार जल्दबाजी में कर्मचारी मैसेज की असलियत जांचे बिना कार्रवाई कर देते हैं। रेलवे का यह मामला सीधे तौर पर Boss Scam नहीं है, लेकिन इससे एक जरूरी सबक मिलता है। किसी मैसेज को अंतिम मंजूरी मानने से पहले उसके संदर्भ और आधिकारिक प्रक्रिया को समझना जरूरी है।

छुट्टी लेने से पहले जरूर करें ये काम

अगर आप भी WhatsApp पर छुट्टी मांगते हैं, तो केवल ‘OK’ देखकर निश्चिंत न हों। HRMS या अपने विभाग के निर्धारित सिस्टम में छुट्टी का स्टेटस चेक करें। जरूरत पड़ने पर बॉस से स्पष्ट पुष्टि लें और मंजूरी का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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