ग्रेच्युटी नौकरी करने वाले कर्मचारियों को लंबे समय तक सेवा देने के बदले मिलने वाली रकम है। आमतौर पर इसका भुगतान नौकरी छोड़ने, रिटायरमेंट या निर्धारित परिस्थितियों में किया जाता है। कई कर्मचारियों को नौकरी बदलते समय या रिटायर होने पर एकमुश्त ग्रेच्युटी मिलती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस रकम पर इनकम टैक्स देना होगा? इसका जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि आप सरकारी कर्मचारी हैं या निजी क्षेत्र में काम करते हैं, कितनी ग्रेच्युटी मिली है और टैक्स नियमों के तहत कितनी छूट के पात्र हैं।
कितनी रकम तक ग्रेच्युटी टैक्स-फ्री है?
इनकम टैक्स विभाग के उपलब्ध नियमों के अनुसार, पात्र सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी आम तौर पर पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है। वहीं निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को नियमों और पात्रता के आधार पर छूट मिलती है। पात्र कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी पर अधिकतम टैक्स छूट की सीमा ₹20 लाख है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी को मिलने वाली ₹20 लाख तक की पूरी रकम अपने आप टैक्स-फ्री होगी। छूट की गणना वास्तविक ग्रेच्युटी, सेवा अवधि और निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर की जाती है।
निजी कर्मचारियों के लिए कैसे होती है गणना?
पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट के तहत आने वाले पात्र कर्मचारियों के लिए टैक्स छूट की गणना आम तौर पर तीन राशियों में से सबसे कम रकम के आधार पर होती है। पहली, वास्तव में मिली ग्रेच्युटी; दूसरी, ₹20 लाख की अधिकतम सीमा; और तीसरी, कानून में दिए गए फॉर्मूले से निकली रकम। इस फॉर्मूले में नौकरी छोड़ते समय मिलने वाली पात्र सैलरी और सेवा के वर्षों को ध्यान में रखा जाता है। इसलिए दो कर्मचारियों को समान ग्रेच्युटी मिलने पर भी उनकी टैक्स छूट अलग हो सकती है।
₹25 लाख ग्रेच्युटी मिली तो कितना टैक्स लगेगा?
मान लीजिए किसी निजी कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के बाद ₹25 लाख ग्रेच्युटी मिली। अगर वह पूरे ₹20 लाख की छूट के लिए पात्र है और गणना के अनुसार भी इतनी छूट मिलती है, तो बाकी ₹5 लाख टैक्स के दायरे में आ सकते हैं। इस रकम पर कितना टैक्स लगेगा, यह संबंधित वित्त वर्ष में लागू टैक्स व्यवस्था और कर्मचारी की कुल टैक्स योग्य आय पर निर्भर करेगा। इसलिए केवल ग्रेच्युटी की कुल रकम देखकर टैक्स का सही हिसाब नहीं लगाया जा सकता।
नौकरी छोड़ने के बाद ग्रेच्युटी मिले तो क्या करें?
ग्रेच्युटी मिलने पर अपने नियोक्ता से भुगतान का विवरण और टैक्स गणना जरूर लें। अगर एक से अधिक नियोक्ताओं से ग्रेच्युटी मिली है या पहले भी टैक्स छूट ली गई है, तो कुल छूट की गणना पर असर पड़ सकता है। ध्यान रखें कि नौकरी छोड़ने के बाद भुगतान मिलने से टैक्स नियम अपने आप नहीं बदल जाते। अपनी स्थिति के अनुसार सही छूट जानने के लिए इनकम टैक्स विभाग की जानकारी या टैक्स विशेषज्ञ की सलाह लें।
