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भारतीय गेमिंग कंपनियों पर 28% प्लेटफार्म फीस का सुझाव, क्या गेम खेलने पर भी लगेगा टैक्स

Platform Fees For Indian Gaming Companies: एसओजीआई के अध्यक्ष अमृत किरण सिंह ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा कि ऑनलाइन गेमिंग उद्योग अभी शुरुआती चरण में है। सरकार और उद्योग को अर्थव्यवस्था के लिए इस उद्योग के सभी सकारात्मक पहलुओं का लाभ लेने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।

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Platform Fees For Indian Gaming Companies: पैसे से जुड़े गेमिंग ऐप कंपनियों के निकाय एसओजीआई ने केंद्र सरकार से मांग की है कि भारतीय गेमिंग कंपनियों के लिए जमा राशि पर नहीं बल्कि मंच शुल्क पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाना चाहिए।

'स्किल ऑनलाइन गेम्स इंस्टीट्यूट' (एसओजीआई) ने कहा है कि ऐसा करने से विदेशी गेमिंग मंचों को महत्वपूर्ण कर लाभ उठाने से रोका जा सकेगा। घरेलू गेमिंग कंपनियों ने यह मांग शनिवार को होने वाली जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक से पहले की है। यह बैठक राजस्थान के जैसलमेर में आयोजित की जा रही है।

एसओजीआई के अध्यक्ष अमृत किरण सिंह ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा कि ऑनलाइन गेमिंग उद्योग अभी शुरुआती चरण में है। सरकार और उद्योग को अर्थव्यवस्था के लिए इस उद्योग के सभी सकारात्मक पहलुओं का लाभ लेने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ''एसओजीआई ने सरकार के समक्ष अपनी सिफारिशें पेश करने के लिए संपर्क किया है, जिससे देश को रोजगार सृजन और जीडीपी में योगदान देने के लिए इस उद्योग की पूरी क्षमता का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।''

उन्होंने कहा कि इस सिफारिशों से गेमिंग की लत जैसे नकारात्मक पहलुओं को कम करने में भी मदद मिलेगी।

एक अक्टूबर, 2023 से ऑनलाइन गेमिंग मंच और कसीनो में जमा राशि पर 28 प्रतिशत जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लागू है। इससे पहले मंच शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता था।

इनपुट-भाषा

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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