Anahat Singh World Junior Squash Final: दिल्ली की 17 वर्षीय स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने विश्व जूनियर स्क्वाश चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया है। वह पिछले 21 वर्षों में इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। अनाहत से पहले यह उपलब्धि 2005 में भारत की दिग्गज जोशना चिनप्पा ने हासिल की थी। शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त अनाहत ने मिस्र की तीसरी-चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी बार्ब समेह को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराया। पहले गेम में एकतरफा जीत के बाद दूसरा गेम गंवाने के बावजूद अनाहत ने तीसरे और चौथे गेम में शानदार वापसी कर मैच अपने नाम किया।
जीत चुकी हैं कांस्य पदक
विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज अनाहत पिछले साल इसी टूर्नामेंट में सेमीफाइनल तक पहुंचकर कांस्य पदक जीत चुकी हैं। अब वह भारत की पहली जूनियर विश्व स्क्वाश चैंपियन बनने से सिर्फ एक जीत दूर हैं। मैच के बाद अनाहत ने कहा, “मैं बहुत खुश हूं। मैं कुछ महीने पहले ब्रिटिश जूनियर ओपन में बार्ब के खिलाफ खेली थी और वह बेहद करीबी मैच था, इसलिए मुझे पता था कि मुझे वास्तव में अच्छा खेलना होगा।” उन्होंने आगे कहा, “मैंने कल अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया था और मुझे पता था कि मुझे आज यह दिखाना होगा कि मैं क्या कर सकती हूं।”
अनाहत का चौथा विश्व जूनियर टूर्नामेंट
अनाहत के लिए यह चौथा विश्व जूनियर टूर्नामेंट है। इससे पहले वह क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो जाती थीं। इस बार फाइनल में पहुंचने पर उन्होंने कहा, “फाइनल में पहुंचने से मेरे माता-पिता और कोच बहुत खुश हैं, लेकिन टूर्नामेंट अभी खत्म नहीं हुआ है।” अब खिताबी मुकाबले में अनाहत का सामना मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी रुकय्या सलेम से होगा। मिस्र स्क्वाश की पावरहाउस टीम है और सलेम को हराना आसान नहीं होगा, लेकिन अनाहत का मौजूदा फॉर्म देखकर लग रहा है कि वह इतिहास बदल सकती हैं।
जोशना के बाद अगली स्क्वैश स्टार
अनाहत की इस सफलता से भारतीय स्क्वाश में नई उम्मीद जगी है। जोशना चिनप्पा के बाद अनाहत को भारत की अगली बड़ी स्टार माना जा रहा है। अगर वह फाइनल जीतती हैं तो भारत को पहला जूनियर विश्व चैंपियन मिल जाएगा। पूरे देश की निगाहें अब रविवार को होने वाले फाइनल पर टिकी हैं।
