नई दिल्ली: भारतीय बैडमिंटन में 13 साल की तन्वी पत्री का नाम तेजी से उभर रहा है। ओडिशा की तन्वी पत्री ने चीन के चेंग्दू में आयोजित बैडमिंटन एशिया अंडर-17 और अंडर -15 प्रतियोगिता में लड़कियों के वर्ग में अंडर-15 का एकल खिताब अपने नाम करके सनसनी फैला दी है। उन्हें भारतीय बैडमिंटन का भविष्य माना जा रहा है और उनकी तुलना पीवी सिंधू से की जा रही है।
फाइनल मुकाबला महज 34 मिनट में जीता
तन्वी ने अंडर-15 के फाइनल मुकाबले में वियतनाम की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी थी थू ह्यून गुयेन को 34 मिनट में 22-20, 21-11 से मात देकर खिताब अपने नाम किया। खिताबी जीत के बाद तन्वी ने पीटीआई से चर्चा करते हुए कहा, खिताब जीतने के बाद मैं अच्छा महसूस कर रही हूं। मुझे जीत की उम्मीद थी और मुझे खुशी है कि मैं ऐसा करने में सफल रही। मैं पिछले दो वर्षों से बेंगलुरु में प्रकाश पदुकोण बैडमिंटन अकादमी (पीपीबीए) में प्रशिक्षण ले रही हूं।'
चीन में सीखा बैडमिंटन का ककहरा
उनके माता-पिता, रबीनारायण पत्री और शैलबाला पांडा, सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वे पहले चीन में काम करते थे जहां तन्वी ने बैडमिंटन खेलना शुरू किया था। कोविड महामारी के कारण यह परिवार 2020 में भारत लौट आया था। पीपीबीए के निदेशक विमल कुमार तन्वी में बहुत संभावनाएं देखते हैं, यहां तक कि उनकी तुलना भारत की सबसे प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक पी वी सिंधू के शुरुआती दिनों से भी की जाती है।
13 की उम्र में अंडर-17 में मचा रही हैं धमाल
विमल ने कहा,'वह लगभग आठ या नौ साल की थी जब वह भारत आई और 2022 में अकादमी से जुड़ी। वह मुझे सिंधू की याद दिलाती है जब वह जूनियर वर्ग में खेला करती थी। कम उम्र में मैच जीतने की क्षमता अच्छा संकेत है। उसे अभी लंबा सफर तय करना है लेकिन जिस तरह से वह खेलती है उसे देखते हुए उसमें काफी संभावनाएं हैं। वह अपने आयु वर्ग के खिलाड़ियों से काफी आगे हैं। पिछले छह महीनों में उसने अंडर-17 टूर्नामेंट जीते हैं और कई सीनियर खिलाड़ियों को हराया है, जिसमें वर्तमान राष्ट्रीय चैंपियनशिप फाइनलिस्ट तन्वी शर्मा भी शामिल हैं।'
