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तानिया ने इतिहास रचा, यूथ ओलंपिक बीच रेसलिंग मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं

तानिया ने डकार 2026 यूथ ओलंपिक्स में इतिहास रच दिया। महिलाओं की 75kg कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतकर बीच रेसलिंग में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय रेसलर बनीं। गोल्ड मेडल के मुकाबले में वह चीन की मिन झाओ से 1-2 से हार गईं।

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तनिया ने रचा इतिहास। फोटो- स्क्रीन ग्रैब

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत की तानिया ने डकार 2026 यूथ ओलंपिक गेम्स में इतिहास रच दिया। वह ग्लोबल यूथ शोपीस में बीच रेसलिंग मेडल जीतने वाली पहली भारतीय रेसलर बन गईं। शनिवार को महिलाओं की 75kg कैटेगरी में गोल्ड मेडल के करीबी मुकाबले में चीन की मिन झाओ से 1-2 से हारने के बाद इस युवा रेसलर को सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा।

गोल्ड मेडल से चूकने के बावजूद, तानिया ने शानदार कैंपेन किया और कई शानदार परफॉर्मेंस के साथ इंटरनेशनल स्टेज पर अपनी पहचान बनाई। उनके सिल्वर मेडल ने इंडियन रेसलिंग के लिए भी एक अहम पल बनाया, जिसमें बीच रेसलिंग ने समर यूथ ओलंपिक गेम्स में अपनी ऐतिहासिक शुरुआत की।

झाओ शानदार प्रदर्शन के साथ फाइनल में पहुंचीं। चीनी पहलवान ने एथेंस में 2025 U17 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में महिलाओं की 69kg कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने फाइनल में जर्मनी की आयला साहिन को 13-2 से हराया था। उन्होंने 75kg कैटेगरी में पहला यूथ ओलंपिक बीच रेसलिंग टाइटल जीतकर अपने रिकॉर्ड में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ी।

तानिया का शानदार प्रदर्शन

तानिया ने महिलाओं की 75kg कैटेगरी में जर्मनी की मिया बाउर पर 3-1 से जीत के साथ अपने कैंपेन की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने ग्रीस की वासिलिकी करावनौ के खिलाफ 3-0 से जबरदस्त जीत हासिल की और फिर अपने आखिरी ग्रुप-स्टेज बाउट में एस्टोनिया की मेरिली वेस्टर को 4-1 से हराया।

लगातार तीन जीत से तानिया अपने ग्रुप में टॉप पर रहीं और सेमी-फाइनल में जगह पक्की की। हालांकि, उनका सबसे बड़ा स्टेटमेंट यूनाइटेड स्टेट्स की मटिल्डा एन ह्रुबी के खिलाफ लास्ट-फोर के मैच में आया।

अगस्त में अजरबैजान के बाकू में U17 बीच रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में 75kg का गोल्ड मेडल जीतने के बाद ह्रुबी सबसे मजबूत दावेदारों में से एक के तौर पर डकार पहुंची थीं। अमेरिकी खिलाड़ी ने कॉम्पिटिशन में भी शानदार प्रदर्शन किया था और अपने सभी पांच मुकाबले जीते थे।

भारत की पदक तालिका बढ़ी

तानिया के सिल्वर मेडल से डकार 2026 यूथ ओलंपिक गेम्स में भारत की कुल मेडल संख्या सात हो गई, जिसमें तीन सिल्वर और चार ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। उनके पोडियम फिनिश से पहले, भारत ने चार डिसिप्लिन में छह मेडल जीते थे। खुशबू दरजादा ने महिलाओं के 63kg जूडो इवेंट में सिल्वर जीता, जबकि तन्वी पत्री ने महिला सिंगल्स बैडमिंटन में सिल्वर जीता।

स्विमिंग ने भारत की गिनती में तीन मेडल जोड़े हैं, जिसमें धिनिधि देसिंघु ने महिलाओं की 100m और 200m फ्रीस्टाइल दोनों इवेंट्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। तीर्थंक पेगु ने मेंस की 200m बटरफ्लाई में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता और यूथ ओलंपिक्स मेडल जीतने वाले पहले भारतीय मेंस तैराक बन गए।

राजकुमारी लांचेनबी चानू ने वुशु में महिलाओं के चांगक्वान कंबाइंड इवेंट में एक और ब्रॉन्ज मेडल जीता। तानिया की इस कामयाबी ने अब डकार 2026 में भारत के मेडल जीतने वाले खेलों की लिस्ट में बीच रेसलिंग को भी जोड़ दिया है। इस कॉम्पिटिशन से यूथ ओलंपिक्स में इस खेल का डेब्यू हो रहा है। उनका सिल्वर मेडल देश के रेसलिंग इतिहास में एक यादगार पल रहेगा।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 8 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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