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सरबजोत ने किया बड़ा खुलासा, ओलंपिक से पहले नहीं मिला था मनु के साथ अभ्यास का मौका

पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर के साथ कांस्य पदक जीतने वाले सरबजोत सिंह ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि उन्हें ओलंपिक खेलों से पहले मनु भाकर के साथ अभ्यास करने का मौका नहीं मिला था।

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मनुभाकर और सरबजीत सिंह

Photo : AP

बेंगलुरू: मनु भाकर के साथ मिलकर भारत को मिश्रित निशानेबाजी स्पर्धा में पहला ओलंपिक पदक दिलाने वाले सरबजोत सिंह ने शनिवार को कहा कि उन्हें अपनी स्पर्धा से पहले एक साथ ट्रेनिंग करने का बमुश्किल ही मौका मिला था। मनु और सरबजोत ने पेरिस ओलंपिक की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम निशानेबाजी स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

सरबजोत ने कहा,'मेरी ट्रेनिंग नौ बजे होनी थी और उसकी 12 बजे। दोनों की ट्रेनिंग अलग अलग। मिश्रित ट्रेनिंग सत्र 30 मिनट तक रहा जिसके पहले वह अलग से ट्रेनिंग करती थीं और मैं अलग से। हमारी बातचीत आमतौर पर संक्षिप्त रही जिसमें बातें ‘अपना शत प्रतिशत देना है’ बस यहीं तक सीमित रहती। कभी कभी मैं उसका मजाक उड़ाता था तो कभी कभी वह मेरा मजाक उड़ाती थी।'

सरबजोत तुर्की के निशोबाज यूसुफ डिकेच के मुरीद हैं। हरियाणा के धीन गांव के 22 वर्षीय सरबजोत ने प्यूमा इंडिया को लंबे समय के उनके प्रशंसक होने का खुलासा करते हुए कहा,'मैं 2011 से उनके (यूसुफ़ के) वीडियो देख रहा हूं। वह हमेशा से ऐसे ही रहे हैं। अब वह 51 साल के हैं। मैंने कोशिश की। फिर भी मैं उनके ‘परफेक्शन’ से मेल नहीं खा सका। अगर मुझे मौका मिलता तो मैं उनसे पूछता कि वह क्या खाते हैं?'

सरबजोत ने कहा कि उनकी पिस्टल पर एससिंह30 लिखा हुआ है, जिसमें उनके नाम के पहले अक्षर और उनकी यात्रा की एक महत्वपूर्ण तारीख शामिल है। उन्होंने कहा,'मैंने इसे कोई नाम नहीं दिया। जब मैंने हांग्झोउ में 2022 एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया तो मैंने अपनी पिस्टल पर यह लिखवाया। यह मेरी सबसे अच्छी पिस्टल है क्योंकि मेरा पदक (स्वर्ण) 30 सितंबर को आया था और यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।'

अंत में इस ओलंपिक पदक विजेता ने 2028 लॉस एंजिल्स खेलों के लिए अपने लक्ष्य के बारे में बताया और अपने चमचमाते हुए कांस्य पदक की ओर इशारा करते हुए कहा, 'एलए '28’ में, इसका रंग बदलना है।'

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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