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जानिए पाकिस्तान के अरशद नदीम के बारे में खास बातें, ओलंपिक रिकॉर्ड बनाकर नीरज चोपड़ा को छोड़ा है पीछे

Arshad Nadeem success Story: पाकिस्तान को 32 साल बाद ओलंपिक में गोल्ड जिताने वाले भाला फेंक खिलाड़ी अरशद नदींम की सक्सेस स्टोरी भी बेहद खास है। पाकिस्तान के एक गरीब परिवार से अरशद ने सारी चुनौतियों को पार कर सफलता का परचम पूरी दुनिया में लहराया है। आइए उनके बारे में सबकुछ जानते हैं।

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अरशद नदीम (फोटो- AP)

Arshad Nadeem success Story: पेरिस ओलंपिक 2024 में पाकिस्तान के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दरअसल उनके भाला फेंक खिलाड़ी अरशद नदीम ने ओलंपिक में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया है। ये पिछले 32 साल में पाकिस्तान का पहला ओलंपिक मेडल है। नदीम ने दो 90 से अधिक थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जिनमें से एक 92.97 मीटर का नया ओलंपिक रिकॉर्ड है। एक ठेकेदार के बेटे नदीम की कहानी बेहद ही खास है उनके बारे में कई ऐसी बातें हैं जो कि जान लेना बेहद जरूरी है।

अरशद नदीम की कहानी प्रेरणादायक है। 2 जनवरी, 1997 को पंजाब के एक शहर मियां चन्नू में जन्मे, जो लाहौर से 250 किलोमीटर दूर है, अरशद सात भाई-बहनों में तीसरे सबसे बड़े हैं। अरशद का परिवार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं था ।उनके पिता एक श्रमिक थे, घर के अकेले कमाने वाले व्यक्ति थे। ऐसे में अरशद को जैवलिन में आगे बढ़ाना उनके लिए मुश्किल था लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।

गांव के लोगों ने की थी मदद

अरशद के गांव ने एक समय पर उसके प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जाने के लिए पैसे जमा किए थे।अरशद के पिता मुहम्मद अशरफ ने कहा था, "कैसे उसके साथी ग्रामीण और रिश्तेदार पैसे दान करते थे ताकि वह अपने शुरुआती दिनों में अपने प्रशिक्षण और कार्यक्रमों के लिए दूसरे शहरों की यात्रा कर सके।" उन्होंने ये भी बताया कि पाकिस्तान सरकार ने अरशद की कोई खास मदद नहीं की थी।

क्रिकेटर बनना चाहते थे अरशद

अरशद की खेल के प्रति रूची स्कूली वर्षों से ही स्पष्ट थी, जहां उसने क्रिकेट, बैडमिंटन, फुटबॉल और एथलेटिक्स जैसे विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। क्रिकेट के प्रति उसके जुनून ने उसे जिला स्तर पर खेलने के लिए प्रेरित किया, लेकिन एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उसके प्रदर्शन ने कोच रशीद अहमद साकी का ध्यान आकर्षित किया, जिन्होंने उसे अपने संरक्षण में लिया और उसकी प्रतिभा को निखारा।

दो बच्चों के पिता हैं अरशद, जल विभाग में करते हैं नौकरी

अरशद नदीम पाकिस्तान के जल विभाग में काम करते हैं। वे शादीशुदा हैं और उनके दो बच्चे हैं जिसमें एक बेटा और बेटी है। अरशद नदीम खुद में ही व्यस्त रहते हैं और उनके ज्यादा दोस्त वगैराह नहीं हैं। भाला फेंक पर ध्यान केंद्रित करने से पहले, नदीम ने शॉट पुट और डिस्कस थ्रो भी किया।उनके पिता मुहम्मद अशरफ ने उन्हें भाला फेंक को अपने प्राथमिक खेल के रूप में अपनाने के लिए राजी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
SIddharth Sharma
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सिद्धार्थ शर्मा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के स्पोर्ट्स डेस्क से जुड़े हैं। सिद्धार्थ को बचपन से ही खेलों, खासकर क्रिकेट में गहरी रुचि रही है और इसी जुनून ने उन्हें स्पोर्ट्स जर्नलिज्म की ओर खींचा। वह खिलाड़ियों के रिकॉर्ड्स और स्पोर्ट्स एनालिसिस पर मजबूत पकड़ रखते हैं। अबतक 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके सिद्धार्थ अपनी स्टोरीज को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रहती है कि पाठकों तक तेजी से, सही समय पर और विश्वसनीय स्पोर्ट्स अपडेट्स पहुंचें।

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