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Asian Games 2026: स्वर्णिम इतिहास रचने से चूके नितेश सिवाच , ग्रीको-रोमन स्पर्धा में भारत को दिलाया सिल्वर

भारत के 23 वर्षीय पहलवान नितेश सिवाच को आइची-नागोया एशियाई खेलों में एशियाई खेलों में पुरुषों के ग्रीको-रोमन 97 किग्रा इवेंट के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा और वो स्वर्णिम इतिहास का हिस्सा रचने से चूक गए।

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नितेश सिवाच (फोटो क्रेडिट AI Generated/News Room Verified)

नागोया: भारत के 23 वर्षीय पहलवान नितेश सिवाच ने आइची-नागोया एशियाई खेलों में पुरुषों के ग्रीको-रोमन 97 किग्रा इवेंट के फाइनल में जापान के पहलवान यूरी नकाजातो के खिलाफ स्वर्णिम इतिहास रचने से चूक गए। फाइनल मुकाबले में उन्हें जापानी पहलवान के खिलाफ एकतरफा मुकाबले में 0-4 के अंतर से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

जापानी पहलवान ने दिखाया दम

भारत और जापान के पहलवानों के बीच शुरुआत अच्छी हुई लेकिन नितेश ने रिंग से बाहर निकलकर एक अंक गंवा दिया। इसके थोड़ी देर बाद भारतीय पहलवान 0-2 से पिछड़ गए। पहले राउंड के शुरुआती तीन मिनट में नितेश के खिलाफ जापानी पहलवान ने 2-0 की बढ़त बना ली थी। दूसरे राउंड के पहले मिनट में नितेश ने दो अंक और गंवा दिए और 0-4 से पिछड़ गए। इसके बाद उनके हाथ से स्वर्ण पदक फिसलता गया।

सेमीफाइनल में टेक्निकल सुपीरियरिटी के आधार पर दर्ज की थी जीत

नितेश सिवाच मंगोलिया के गनखुयाग गनबातार को 9-0 से हराकर एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों के ग्रीको-रोमन 97 किग्रा इवेंट के फाइनल में पहुंचे थे। ये जीत उन्होंने 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के आधार पर हासिल की थी। इसी प्रदर्शन को वह फाइनल मुकाबले में जारी नहीं रख सके और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

64 साल बाद स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवान बनने का मौका गंवाया

नितेश नकाज़ातो को मात देकर नितेश सिवाच गोल्ड मेडल अपने नाम करने में सफल होते तो वह 64 साल में ग्रीको-रोमन रेसलिंग में एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बन जाते लेकिन उनके हाथ से शानदार मौका फिसल गया। एशियन गेम्स में ग्रीको-रोमन रेसलिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाले आखिरी भारतीय गणपत अंदलकर और मालवा सिंह थे। दोनों ने साल 1962 के एशियाई खेलों में भारत के लिए ग्रीको-रोमन रेसलिंग में गोल्ड मेडल जीते थे।

नाइची-आगोया में ग्रीको-रोमन में भारत को दिलाया दूसरा पदक

भारत के लिए आइची-नागोया एशियाई खेलों में यह ग्रीको-रोमन रेसलिंग में भारत के लिए दूसरा पदक है। इससे पहले सुनील कुमार ने पुरुषों के 87 किग्रा इवेंट में कांस्य पदक जीता था। नितेश सिवाच के सिल्वर मेडल के साथ 20वें एशियाई खेलों में भारत के पदकों की संख्या 10 गोल्ड, 23 सिल्वर और 32 कांस्य पदक के साथ 65 हो गई है। भारत पदक तालिका में आठवें पायदान पर काबिज है।

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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