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3 हफ्ते में 3 किग्रा वजन किया कम, दिग्गज मुक्केबाजों को हराया, अब किसान की बेटी साक्षी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए लड़ेगी

Sakshi Chaudhary, CWG 2026: स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू होने जा रहे हैं। इस प्रतिष्ठित खेल आयोजन में हजारों खिलाड़ियों पर नजरें रहेंगी, जिनमें कुछ भारतीय भी होंगे। इन्हीं में से एक भारतीय होंगी मुक्केबाज साक्षी चौधरी जिन्होंने काफी मशक्कत और संघर्ष के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में जगह बना ली है।

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साक्षी चौधरी (AI Generated Image)

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में जल्द ही कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 शुरू होने वाले हैं। पूरा देश बॉक्सर साक्षी चौधरी का समर्थन कर रहा है, जो महिलाओं की 51 किलोग्राम बॉक्सिंग कैटेगरी में भारत की ओर से आधिकारिक तौर पर हिस्सा ले रही हैं।

SAI मीडिया की एक प्रेस रिलीज़ के अनुसार, साक्षी ने कई मुश्किलों का सामना करते हुए, तीन हफ्तों में 3 किलोग्राम वजन कम करके और निखत ज़रीन व मीनाक्षी हुड्डा जैसी वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर्स को हराकर बार-बार अपनी काबिलियत साबित की है। वह इस खेल के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं और अपनी जीत की भावना और समझदारी भरी फाइटिंग का प्रदर्शन करती हैं।

इतिहास रचना किसान की बेटी साक्षी के लिए आम बात

इतिहास रचना साक्षी के लिए कोई नई बात नहीं है; वह वर्ल्ड बॉक्सिंग कप, 2025 (अस्ताना) में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला भी हैं। एक किसान की बेटी और साधारण बैकग्राउंड से आने वाली साक्षी, बॉक्सर होने के साथ-साथ भारतीय सेना में भी सेवा दे रही हैं। फ़िलहाल, वह स्कॉटलैंड में होने वाले अपने मैच की तैयारी कर रही हैं। कड़ी प्रैक्टिस, पूरा ध्यान और गोल्ड जीतने का पक्का इरादा—यही उनकी तैयारी का हिस्सा है।

साक्षी ने क्या कुछ कहा

कॉमनवेल्थ गेम्स के बारे में बात करते हुए साक्षी ने कहा, "कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेना हमेशा से मेरा सपना रहा है और मैं लंबे समय से इसके लिए मेहनत कर रही हूँ। आख़िरकार 51 किलोग्राम बॉक्सिंग कैटेगरी में भारत का प्रतिनिधित्व करना किसी सपने जैसा लग रहा है। चोट लगने के बावजूद, मैंने हिम्मत नहीं हारी और डटी रही। मैंने रिकवरी की और अपनी ट्रेनिंग जारी रखी। वज़न कम करना एक और बड़ी चुनौती थी, लेकिन मुझे अपने पिता की सीख याद रही: कभी हार न मानना और अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ना। अभी मैं ट्रेनिंग में व्यस्त हूँ और मेरा एकमात्र लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना और भारत के लिए गोल्ड जीतना है। मैं सही मात्रा में आराम और सही डाइट भी ले रही हूँ और मानसिक रूप से मज़बूत बनी हुई हूं।"

शानदार सफलताएं, ओलंपिक 2028 पर नजरें

साक्षी वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप (2017-2018) में दो बार गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं, वर्ल्ड जूनियर महिला चैंपियनशिप (2015) में गोल्ड मेडल जीता है और एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप (2021) में भी मेडल जीता है। वह 12 साल की कम उम्र से ही ट्रेनिंग कर रही हैं और निश्चित रूप से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 और उसके बाद एशियन गेम्स 2026 में भारत का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं। साक्षी भारत की सबसे होनहार बॉक्सिंग प्रतिभाओं में से एक के तौर पर उभर रही हैं और लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स 2028 की ओर लगातार आगे बढ़ रही हैं।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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