Indian Archery Coach Salary Controversy: भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने एशियाई खेलों में इतिहास रच दिया, लेकिन इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे खड़े विदेशी कोच को अभी तक एक रुपया वेतन नहीं मिला है। अमेरिका के दिग्गज कोच डेव कजिंस को मई महीने में भारत का मुख्य कंपाउंड तीरंदाजी कोच बनाया गया था। उनके मार्गदर्शन में भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता। भारत ने कुल मिलाकर तीरंदाजी में पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक हासिल किए और ओलंपिक कोटा हासिल करने वाला पहला देश बनकर इतिहास रचा।
तीन महीने के बाद भी नहीं मिला वेतन
लेकिन इस बड़ी उपलब्धि के बावजूद कोच कजिंस को कार्यभार संभालने के तीन महीने बाद भी वेतन नहीं दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, बकाया भुगतान नहीं मिलने से नाराज कजिंस ने भारत छोड़कर स्वदेश लौटने की धमकी दी है। सूत्रों ने बताया, "उन्होंने कुछ अधिकारियों से बात की और कहा कि अगर भुगतान नहीं होता है तो वह स्वदेश लौट जाएंगे। पिछले तीन महीने में उनके साथ जिस तरह बर्ताव हुआ है, उससे वह खुश नहीं हैं। अभी तक उन्हें वेतन नहीं मिला है।"
भारतीय तीरंदाजी संघ के कोषाध्यक्ष ने क्या कहा
इस पूरे मामले पर भारतीय तीरंदाजी संघ के कोषाध्यक्ष डॉ. जोरिस पाउलोस उम्माचेरिल और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के एक अधिकारी ने सफाई दी है। दोनों ने कहा कि भुगतान में देरी तकनीकी कारणों से हुई है, जो अब सुलझ गई है। जोरिस ने कहा, "भारतीय खेल प्राधिकरण के साथ कुछ मसला था जिससे भुगतान में विलंब हुआ, लेकिन अब सब सुलझ गया है और दो दिन में भुगतान हो जाएगा।"
वहीं दिल्ली में SAI के एक अधिकारी ने कहा, "हम उनसे बात कर चुके हैं और बता दिया है कि भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बैंक के साथ कुछ तकनीकी कारणों से विलंब हुआ था लेकिन अब दो दिन में भुगतान हो जाएगा।" उधर, महासंघ लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 की तैयारी के लिए दक्षिण कोरिया के पार्क चाए सून से भी बात कर रहा है। उन्हें भारत के रिकर्व तीरंदाजों का प्रभार देने की योजना है और उम्मीद है कि वह दिसंबर में टीम से जुड़ेंगे।
इनपुट- भाषा
