एफआईएच हॉकी विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल करते हुए इतिहास रचने के बाद अब भारतीय महिला हॉकी टीम जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए रवाना हो गई है। टीम का लक्ष्य गोल्ड मेडल जीतना और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक खेलों के लिए सीधे क्वालीफाई करना है। कप्तान सलीमा टेटे की अगुवाई और कोच स्योर्ड मारिज्ने की देखरेख में, भारत ने दशकों में अपना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया और टीम पांचवें स्थान पर रही। यह 1974 में हुए पहले वर्ल्ड कप के बाद से उनका सबसे अच्छा नतीजा था। अब सबकी नज़रें एशियाई खेलों पर हैं, जहां दांव और भी ऊंचे हैं।
एफआईएच के लॉस एंजलिस 2028 (ओलंपिक) क्वालिफिकेशन सिस्टम के तहत, एशियाई खेलों में महिला हॉकी प्रतियोगिता में सबसे ऊंची रैंकिंग वाली योग्य टीम को ओलंपिक कोटा मिलेगा, बशर्ते उसने किसी और तरीके से पहले ही क्वालीफाई न किया हो। एक बयान में टेटे ने कहा, "हम पूरे आत्मविश्वास के साथ एशियाई खेलों में जा रहे हैं, लेकिन हम यह भी जानते हैं कि हर टूर्नामेंट एक नई चुनौती लेकर आता है।" टेटे ने ही इस साल भारत को नेशंस कप का खिताब और वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक पांचवां स्थान दिलाया है।
सलीमा टेटे ने कहा, "नेशंस कप और वर्ल्ड कप ने हमें यह भरोसा दिलाया है कि हम मिलकर क्या हासिल कर सकते हैं, और अब हमारा ध्यान इसे एक कदम और आगे ले जाने पर है। हमारा लक्ष्य बिल्कुल साफ है, हम गोल्ड मेडल के लिए लड़ना चाहते हैं और लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करना चाहते हैं। हम जानते हैं कि इसके लिए निरंतरता, अनुशासन और हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की जरूरत होगी, और एक टीम के तौर पर हम उस चुनौती के लिए तैयार हैं।"
भारत को जापान, थाईलैंड, सिंगापुर, इंडोनेशिया और उज़्बेकिस्तान के साथ पूल B में रखा गया है। टीम अपने अभियान की शुरुआत 20 सितंबर को उज़्बेकिस्तान के खिलाफ करेगी, इसके बाद 21 सितंबर को इंडोनेशिया, 23 सितंबर को थाईलैंड, 25 सितंबर को जापान और 27 सितंबर को सिंगापुर के खिलाफ मैच खेलेगी। नॉकआउट राउंड 30 सितंबर से शुरू होगा, जिसमें उसी दिन सेमीफ़ाइनल खेले जाएंगे और 2 अक्टूबर को गोल्ड मेडल मैच होगा।
भारतीय टीम में सविता, नवनीत कौर, नेहा, निक्की प्रधान, लालरेम्सियामी और सुशीला चानू पुखरामबम जैसे अनुभवी खिलाड़ी हैं, साथ ही युवा खिलाड़ियों का एक होनहार ग्रुप भी है जिन्होंने हाल के इंटरनेशनल टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया है। एशियाई खेलों के लिए 20 सदस्यों वाली टीम में दो गोलकीपर (सविता, बिचू देवी खारीबम), पांच डिफेंडर (इशिका चौधरी, सुशीला चानू पुखरामबम, लालथंतलुआंगी, ज्योति, शिल्पी डबास), छह मिडफील्डर (निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, सलीमा टेटे (कप्तान), नेहा, दीपिका सोरेंग) और सात फॉरवर्ड (लालरेम्सियामी, रुतुजा दादासो पिसल, नवनीत कौर, दीपिका, इशिका, बलजीत कौर, ब्यूटी डुंगडुंग) शामिल हैं।
भारतीय टीम ने मारिज्ने की देखरेख में शानदार वापसी की; वे इस साल की शुरुआत में टीम के साथ जुड़े थे और जनवरी में उन्हें आधिकारिक तौर पर मुख्य कोच नियुक्त किया गया था। भारत ने हैदराबाद में महिला विश्व कप क्वालीफायर में सिल्वर मेडल जीतकर अपने 2026 अभियान की शुरुआत की। टीम फाइनल तक अजेय रही और इटली के खिलाफ सेमीफाइनल में 1-0 से जीत हासिल कर विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया।
इसके बाद टीम ने ऑकलैंड में नेशंस कप में शानदार प्रदर्शन किया और पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। भारत ने पूल स्टेज में यूएसए, जापान और उरुग्वे को हराया, सेमीफाइनल में चिली को 6-0 से मात दी और फिर फ़ाइनल में मेजबान न्यूज़ीलैंड को 2-0 से हराकर खिताब जीता। इस जीत से भारत को अगले सीजन के लिए महिला प्रो लीग में प्रमोशन भी मिला। यही लय विश्व कप में भी बनी रही, जहां भारत को सिर्फ एक हार का सामना करना पड़ा। टीम ने बेहतर रैंकिंग वाली चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के साथ मैच ड्रॉ कराए, दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया और दुनिया की नंबर.5 टीम जर्मनी पर 3-1 से जीत के साथ टूर्नामेंट का समापन किया।
