Neeraj Chopra on Golden Spike Tournament: भारत के ओलंपिक चैंपियन और विश्व प्रसिद्ध भालाफेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने चेक गणराज्य में आयोजित प्रतिष्ठित गोल्डन स्पाइक टूर्नामेंट जीत लिया, लेकिन वह अपने प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। चोपड़ा ने 85.29 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ नौ शीर्ष एथलीटों के बीच यह खिताब अपने नाम किया, लेकिन उनका कहना है कि वह और बेहतर कर सकते थे।
"खिताब तो मिला, लेकिन प्रदर्शन संतोषजनक नहीं"
जीत के बाद नीरज ने कहा कि "मैं आज अपने प्रदर्शन से पूरी तरह खुश नहीं हूं, लेकिन इस बात की खुशी है कि मैंने गोल्डन स्पाइक जीत लिया।" उन्होंने आगे बताया कि बचपन से ही वह इस टूर्नामेंट को देखते आए हैं और जान जेलेंजी, उसेन बोल्ट जैसे दिग्गजों को यहाँ जीतते देखकर सपना देखा करते थे कि एक दिन वह भी यह खिताब जीतेंगे। आज वह सपना सच हो गया है।हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि चेक गणराज्य में भालाफेंक का काफी समर्थन है और दर्शकों का उत्साह शानदार था। "काश, मैं थोड़ा और बेहतर प्रदर्शन कर पाता," उन्होंने कहा।
टूर्नामेंट का सफर: शुरुआत धीमी, फिर शानदार वापसी
नीरज की शुरुआत अच्छी नहीं रही—पहला थ्रो फाउल रहा। दूसरे दौर में उन्होंने 83.45 मीटर का थ्रो फेंका, जिसके बाद वह तीसरे स्थान पर पहुँच गए। लेकिन तीसरे दौर में उन्होंने 85.29 मीटर का शानदार थ्रो फेंककर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। हालाँकि, उनके अगले दो थ्रो (82.17 मीटर और 81.01 मीटर) उतने प्रभावी नहीं रहे, और आखिरी थ्रो फिर से फाउल रहा।
यह उनके लिए एक विशेष जीत थी, क्योंकि पिछले दो सालों में वह फिटनेस की समस्याओं के कारण इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाए थे। दिलचस्प बात यह है कि उनके कोच जान जेलेंजी ने इसी टूर्नामेंट में नौ बार खिताब जीता है, जो नीरज के लिए प्रेरणास्रोत रहा है।
