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गुजरात के कृषि मजदूर की बेटी काजल ने बढ़ाया देश का गौरव, एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में जीता रजत पदक

हांगकांग में जीता गया रजत पदक काजल की उपलब्धियों की सूची में एक और महत्वपूर्ण योग है। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2025 में रांची में आयोजित दक्षिण एशियन सीनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 4X100 मीटर रिले में भी रजत पदक जीता था।

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काजल वाजा ने बढ़ाया देश का मान

Kajal Vaja: गुजरात की उभरती स्प्रिंटर काजल वाजा ने फिर एक बार सिद्ध किया है कि दृढ़निश्चय, अनुशासन एवं अथक परिश्रम से साधारण परिवार से आने वाली प्रतिभाएं भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता प्राप्त कर सकती हैं। जूनागढ़ जिले के चोरवाड़ गांव की 19 वर्षीय काजल ने हांगकांग में आयोजित 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में रविवार को महिलाओं की 4X100 मीटर रिले स्पर्धा में भारत को रजत पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

45.04 सेकंड का समय दर्ज किया

तमिलनाडु की भावना, हरियाणा की आरती और उत्तर प्रदेश की निपम के साथ भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए काजल ने टीम को 45.04 सेकंड का समय दर्ज करवाने में मदद की। इस प्रदर्शन के साथ भारतीय टीम ने रजत पदक जीता और अंडर-20 वर्ग में भारत ने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित किया। भारतीय टीम ने पूर्व के 45.08 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर अपनी तेजी, टीमवर्क और बैटन एक्सचेंज की श्रेष्ठता प्रदर्शित की।

गांव के साधारण किसान हैं पिता

काजल की उपलब्धि उसकी साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि को ध्यान में लेते हुए और प्रेरणादायी बन जाती है। उनके पिता हीराभाई वाजा जूनागढ़ जिले के समुद्र तटवर्ती चोरवाड़ गांव के साधारण किसान हैं और कृषि मजदूरी करते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बीच भी काजल ने अपने खेल कॅरियर पर अडिग ध्यान केंद्रित रखा और अपने सपने साकार करने के लिए अनेक त्याग किए। ट्रैक पर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए काजल ने कक्षा-12 में एक वर्ष ड्रॉप लेकर प्रशिक्षण एवं स्पर्धा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया। उनकी इस निष्ठा एवं मेहनत का फल उन्हें अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला है।

काजल के पारिवारिक संबंधी मंथन डाभी ने कहा, काजल को स्कूली शिक्षाकाल से ही खेल-कूद के प्रति विशेष लगाव था और वे निरंतर विभिन्न स्पर्धाओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करती आई हैं। काजल वाजा के कोच शिवम उपाध्याय काजल की सफलता का श्रेय उनकी अविरत मेहनत और श्रेष्ठता हासिल करने की तीव्र इच्छा को देते हैं। उन्होंने कहा कि काजल देश की सबसे आशावान युवा स्प्रिंटर्स में एक हैं। उन्होंने गुजरात का गौरव बढ़ाते हुए 100 मीटर, 200 मीटर और रिले स्पर्धाओं में अनेक पदक जीते हैं। उनके अनुशासन, आत्मविश्वास तथा प्रतिस्पर्धात्मक मानसिकता उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाते हैं। वे हर प्रशिक्षण सत्र में पूर्ण समर्पण के साथ भाग लेती हैं और लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए प्रयत्नशील रहती हैं।

हांगकांग में जीता गया रजत पदक काजल की उपलब्धियों की सूची में एक और महत्वपूर्ण योग है। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2025 में रांची में आयोजित दक्षिण एशियन सीनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 4X100 मीटर रिले में भी रजत पदक जीता था। इसके अलावा, 60 मीटर स्पर्धा में अंडर-20 वर्ग का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी उनके नाम है। इस वर्ष मार्च महीने में भुवनेश्वर में आयोजित प्रथम इनडोर ओपन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में काजल ने 60 मीटर दौड़ में 7.50 सेकंड का समय दर्ज कराकर स्वर्ण पदक जीता और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित किया था। इस उपलब्धि ने उन्हें भारत की सबसे प्रतिभाशाली युवा स्प्रिंटर्स में स्थान दिलाया है।

स्कूल से स्पोर्ट्स की यात्रा

काजल की खेल यात्रा गुजरात राज्य की स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ गुजरात (एसएजी) के स्कूल प्रोग्राम से शुरू हुई थी। इसके बाद वे 2019 में कोडीनार स्थित जिला स्तरीय स्पोर्ट्स स्कूल (डीएलएसएस) में जुड़ीं, जहां उनकी प्रतिभा को व्यवस्थित ढंग से गढ़ा गया। उनकी क्षमता को पहचान कर 2023 में उनका चयन नडियाद स्थित हाई-परफॉर्मेंस सेंटर (एचपीसी) के लिए किया गया, जहाँ वे हाल में अत्याधुनिक प्रशिक्षण तथा मार्गदर्शन प्राप्त कर रही हैं।

उप मुख्यमंत्री और खेल मंत्री हर्ष संघवी ने काजल और भारतीय रिले टीम को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए अभिनंदन दिया। संघवी ने कहा, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार खिलाड़ियों को उनके वैश्विक सपने साकार करने के लिए जरूरी सभी सुविधाएं प्रदान करने को प्रतिबद्ध है। काजल की उपलब्धि गुजरात तथा समग्र देश के लिए गौरव का क्षण है। उल्लेखनीय है कि इसी चैम्पियनशिप में गुजरात के अन्य एक खिलाड़ी और वापी निवासी राहुल जाखड़ ने डेकाथलॉन में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित करते हुए स्वर्ण पदक जीता है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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