स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। एक तरफ जहां एशियन गेम्स में भारतीय एथलीटों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं, एशिया पैसिफिक डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में भी भारतीय टीम ने अपना जलवा बिखेरा है। मलेशिया के पेनांग में हुई प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने गोल्ड मेडल जीता। फाइनल मुकाबले में युवा प्रतिभाशाली बैडमिंटन खिलाड़ी गौरंशी शर्मा ने जापान को हराया और गोल्ड जीत कर इतिहास रच दिया।
ग्वालियर के रामगंजमंडी की प्रतिभाशाली बैडमिंटन खिलाड़ी गौरंशी शर्मा ने मलेशिया में देश का नाम रोशन किया है। पेनांग में हुई एशिया पैसिफिक डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में भारतीय टीम ने जापान को हराकर गोल्ड मेडल जीता। जीत के बाद खिलाड़ियों ने भारत का तिरंगा लहराकर जश्न मनाया।
परिवार और कोच दिया जीत का श्रेय
गौरंशी शर्मा अपनी इस उपलब्धि का श्रेय परिवार, कोच और सरकार को दिया है। गौरंशी शर्मा अभी खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित मध्य प्रदेश बैडमिंटन अकादमी, ग्वालियर में मिस्टर अगस ड्वी संतोष और इंडोनेशियाई बैडमिंटन कोच मिस्टर सोफियान से बैडमिंटन की ट्रेनिंग ले रही हैं। अकादमी में मिली उच्च-स्तरीय ट्रेनिंग, कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास के कारण ही गौरंशी ने इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया और गोल्ड मेडल जीता।
बेहद खास है जीत के मयाने
इस जीत की खास बात यह रही कि भारतीय टीम ने कुछ महीने पहले टोक्यो डेफ ओलंपिक में जापान से मिली हार का हिसाब बराबर कर किया। गौरांशी शर्मा इस भारतीय टीम का हिस्सा थीं। गौरांशी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक 6 मेडल जीत चुकी हैं, जिसमें 2 गोल्ड, 1 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके नाम 13 पदक हैं। वह भारत की पहली मूक-बाधिर ब्रांड एंबेसडर और यूनिसेफ की यूथ एडवोकेट भी हैं।
