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FIFA World Cup 2026: लियोनल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के साथ धमाल मचाते नजर आएंगे भारतीय मूल के ये चार खिलाड़ी

फीफा विश्व कप 2026 में भले ही भारतीय टीम खेलती नजर नहीं आएगी लेकिन भारतीय मूल के चार खिलाड़ी टूर्नामेंट में लियोनल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ अपना दम दिखाते नजर आएंगे।

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फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी (फोटो FIFA X)

नई दिल्ली: भारत के लिए फीफा विश्व कप में खेलना अब भी दूर की कौड़ी बनी हुई है लेकिन अमेरिका में 11 जून से शुरू होने वाले फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट में भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अपना जलवा दिखाने के लिए तैयार हैं। यह चार खिलाड़ी सरप्रीत सिंह, सैमुअल मौतौसामी, निशान वेलुपिल्ले और तहसीन मोहम्मद हैं जो फ्रांस के मिडफील्डर विकास धोरासू के नक्शेकदम पर चल रहे हैं। धोरासू जर्मनी में 2006 के विश्व कप में खेले थे। धोरासू के पूर्वज आंध्र प्रदेश के विजयनगरम की रहने वाले थे। इस सूची में शामिल होने वाले चार अन्य खिलाड़ियों पर एक नज़र डालते हैं।

सरप्रीत सिंह (न्यूजीलैंड)

ऑकलैंड में पंजाबी माता-पिता के घर जन्मे सरप्रीत 2018 में मुंबई में अंतरमहाद्वीपीय कप के दौरान भारत में भी खेले थे। उन्होंने उसी वर्ष न्यूजीलैंड के लिए पदार्पण किया था। भारत ने तब खिताब जीता जबकि न्यूजीलैंड चार देशों के इस टूर्नामेंट में तीसरे स्थान पर रहा। इसके एक साल बाद सरप्रीत जर्मन की पहली डिवीजन लीग में खेलने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी बने। उन्होंने 2019 में बायर्न म्यूनिख की तरफ से पदार्पण किया। वह ऑस्ट्रेलियाई ए-लीग टीम वेलिंगटन फीनिक्स से बायर्न म्यूनिख में शामिल हुए थे। सरप्रीत ने 20 जून, 2020 को एससी फ्रीबर्ग के खिलाफ बायर्न म्यूनिख के लिए अपना पहला सीनियर मैच खेला। वह उस टीम का हिस्सा थे जिसने 2019-2020 सत्र में बुंडेसलीगा का खिताब जीता था।

मिडफील्डर सरप्रीत पुर्तगाल के यूनियाओ डी लीरिया और सर्बिया की सुपरलीगा टीम एफके टीएससी की तरफ से भी खेले। इसके बाद वह फीनिक्स के लिए ए-लीग में खेले। उन्हें इस साल फरवरी में चोट लग गई थी, जिसके कारण वह आठ सप्ताह तक मैदान से बाहर रहे, लेकिन अप्रैल में उन्होंने वापसी की और न्यूजीलैंड की विश्व कप की 26 सदस्यीय टीम में जगह बनाई। उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए 24 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और तीन गोल किए हैं। सरप्रीत ने 2017 और 2019 फीफा अंडर-20 विश्व कप में भी न्यूजीलैंड के लिए खेले थे।

सैमुअल मौतौसामी (कांगो)

मौतौसामी का जन्म फ्रांस में हुआ था। उनकी माता कांगो मूल और पिता तमिल मूल के हैं। फीफा के नियमों के अनुसार, कोई खिलाड़ी किसी राष्ट्रीय टीम के लिए तभी खेल सकता है जब उसकी जैविक माता, जैविक पिता या दादा-दादी का जन्म उस देश में हुआ हो। खिलाड़ी के पास उस देश का पासपोर्ट भी होना चाहिए जिसका वह प्रतिनिधित्व कर रहा है। यह 29 वर्षीय मिडफील्डर वर्तमान में यूनान के सुपर लीग क्लब एटरोमिटोस के लिए खेल रहा है। वह कांगो की सीनियर राष्ट्रीय टीम की तरफ से अब तक 57 मैच खेल चुके हैं।

निशान वेलुपिल्ले (ऑस्ट्रेलिया)

निशान वेलुपिल्ले की मां एंग्लो-इंडियन और पिता श्रीलंकाई मूल के तमिल हैं। यह 25 वर्षीय विंगर ऑस्ट्रेलिया की 26 सदस्यीय टीम के उन 17 खिलाड़ियों में से एक हैं जो फीफा विश्व कप में अपना पदार्पण करेंगे। वह ऑस्ट्रेलिया की शीर्ष स्तरीय ए-लीग में मेलबर्न विक्ट्री के लिए खेलते हैं। उन्होंने अक्टूबर 2024 में विश्व कप क्वालीफाइंग राउंड के दौरान ऑस्ट्रेलिया के लिए पदार्पण किया। वेलुपिल्ले ने चीन के खिलाफ स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरे और उन्होंने अपने पहले ही मैच में गोल किया। तब से लेकर अब तक उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए सात मैच खेले जिनमें उन्होंने तीन गोल किए हैं। ये सभी गोल उन्होंने विश्व कप क्वालीफायर में किए।

तहसीन मोहम्मद जमशेद (कतर)

तहसीन का जन्म दोहा में मलयाली माता-पिता के घर हुआ था, जो 2006 में कन्नूर से कतर चले गए थे। वह 16 जून को 20 साल के हो जाएंगे। तहसीन के पिता जमशेद कालीकट विश्वविद्यालय के पूर्व खिलाड़ी थे। कतर में अकाउंटेंट जमशेद थालास्सेरी के रहने वाले हैं और उनकी मां श्यामा कन्नूर के पास वालापट्टनम की रहने वाली हैं। तहसीन ने दोहा स्थित एस्पायर अकादमी में अपने फुटबॉल कौशल को निखारा और कतर स्टार्स लीग में खेलने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी बने। अभी वह अल दुहैल एससी के लिए खेलते हैं। विंगर तहसीन ने फीफा विश्व कप के एशियाई क्वालीफायर ग्रुप मैच के दौरान 2024 में अफगानिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में पदार्पण किया। उन्होंने जिम्बाब्वे (2025) और आयरलैंड (2026) के खिलाफ दो अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैचों में भी हिस्सा लिया है। उन्होंने अभी तक कोई गोल नहीं किया है।

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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