FIFA वर्ल्ड कप 2026 में कनाडा ने इतिहास रच दिया है। टीम पहली बार नॉकआउट दौर में पहुंची है, लेकिन इसके साथ ही उसने एक ऐसा रिकॉर्ड भी बना दिया जो टूर्नामेंट के 96 साल के इतिहास में पहले कभी नहीं बना। कनाडा अपनी सीमाओं के बाहर मैच खेलने वाला पहला फुटबॉल विश्व कप मेजबान देश बनने जा रहा है। बुधवार को ग्रुप स्टेज के आखिरी मैच में कनाडा को स्विट्जरलैंड से 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने समीकरण बदल दिए। हार के कारण कनाडा ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहा। अब राउंड ऑफ 32 में उसे दक्षिण अफ्रीका से भिड़ने के लिए अमेरिका के लॉस एंजिलिस जाना होगा। अगर कनाडा स्विट्जरलैंड के खिलाफ जीतता या मैच ड्रॉ कराता, तो वह ग्रुप टॉपर रहता और नॉकआउट मैच वैंकूवर में ही खेलता।
स्विट्जरलैंड के खिलाफ मुकाबला हारने से बदला समीकरण
कनाडाई डिफेंडर एलिस्टेयर जॉनस्टन ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में निराशा जताई। उन्होंने कहा, “बेशक हम वैंकूवर में ही रहना पसंद करते। घरेलू दर्शकों के सामने खेलना अलग ही अनुभव होता है। लेकिन हम इस बारे में कोई बहाना नहीं बना रहे हैं। अब फोकस अगले मैच पर है।” दिलचस्प बात यह है कि वर्ल्ड कप 2026 के बाकी दो सह-मेजबान, अमेरिका और मैक्सिको, अपने-अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहे। इस वजह से दोनों टीमें अगले दौर के मुकाबले अपने देश में ही खेलेंगी। अमेरिका अपना मैच डलास में और मैक्सिको अपने होम ग्राउंड मेक्सिको सिटी में खेलेगा। इससे पहले 2002 में जापान और दक्षिण कोरिया ने संयुक्त रूप से वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी। तब भी दोनों टीमें नॉकआउट तक पहुंची थीं, लेकिन किसी ने भी दूसरे देश में जाकर मैच नहीं खेला था। जापान अपने सभी मैच जापान में और दक्षिण कोरिया अपने सभी मैच कोरिया में खेला था।
विदेश में खेलने वाली पहली मेजबान टीम बनेगी कनाडा
ऐसे में कनाडा पहला मेजबान बन गया है जिसे नॉकआउट के लिए विदेश जाना पड़ रहा है। हालांकि, कनाडा के कोच जेसी मार्श इस स्थिति को सकारात्मक नजरिए से देख रहे हैं। मार्श का मानना है कि घर से बाहर खेलने के भी अपने फायदे हैं। उन्होंने कहा, “आसपास के शोर-शराबे और हंगामे को कम करने का भी कुछ फायदा होता है। घरेलू दर्शकों का दबाव भी कभी-कभी भारी पड़ जाता है। हमने वैंकूवर में फैंस का भरपूर प्यार और समर्थन देखा। अब टीम का पूरा ध्यान मैदान पर प्रदर्शन पर होगा।” कनाडा के लिए यह वर्ल्ड कप वैसे भी ऐतिहासिक है। टीम 1986 के बाद दूसरी बार वर्ल्ड कप खेल रही है और पहली बार ग्रुप स्टेज पार करने में सफल रही है। अब देखना होगा कि लॉस एंजिलिस में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम कैसा प्रदर्शन करती है। भले ही घर से दूर खेलना पड़े, कनाडाई खिलाड़ी देश के लिए इतिहास को और सुनहरा बनाने को तैयार हैं।
