स्पोर्ट्स

चिल रहो... फुटबॉल वर्ल्ड कप से पहले FIFA अध्यक्ष इनफेंटिनो के बड़े बयान, टिकट की कीमतों सहित अन्य विवादों पर बोले

FIFA President Gianni Infantino Ahead Of FIFA World Cup 2026: फीफा के अध्यक्ष जियानी इनफेंटिनो ने फीफा विश्व कप 2026 से ठीक पहले बुधवार को विश्व कप के टिकटों की कीमतों का बचाव करते हुए कहा कि अगर हम कुछ गलत कर रहे हैं तो शायद उत्तर अमेरिका में टिकट बेचने वाले सभी लोग कुछ गलत कर रहे हैं। साथ ही वो अन्य ताजा विवादों पर भी सफाई देते नजर आए।

Image

जियानी इनफेंटिनो

Photo : AP

FIFA World Cup 2026: फुटबॉल की वैश्विक संचालन संस्था फीफा के अध्यक्ष जियानी इनफेंटिनो ने बुधवार को विश्व कप के टिकटों की कीमतों का बचाव करते हुए कहा कि अगर हम कुछ गलत कर रहे हैं तो शायद उत्तर अमेरिका में टिकट बेचने वाले सभी लोग कुछ गलत कर रहे हैं। इनफेंटिनो ने 48 देशों और 104 मैच वाले विश्व कप के शुरुआती मैच से पहले पत्रकारों के साथ एक खास सवाल-जवाब सत्र में बात की। उन्होंने टिकट की रिकॉर्ड कीमतों का बचाव किया और कहा कि फीफा के पास सोमालिया के रैफरी को अमेरिका में प्रवेश दिलाने का अधिकार नहीं था और साथ ही उन्होंने ईरान की राष्ट्रीय टीम को अमेरिका में लाने की अपनी काबिलियत की तारीफ की।

फीफा ने ग्रुप चरण के मुकाबलों के लिए टिकट की शुरुआती कीमत 140 डॉलर रखी थी लेकिन न्यूयॉर्क के बाहर 19 जुलाई को होने वाले फाइनल के लिए नियमित टिकट की कीमत 8,680 डॉलर तक है जबकि हॉस्पिटैलिटी सीटों की कीमत 73,200 डॉलर तक रखी गई थी। फाइनल के लिए कीमतें बढ़ाकर 10,990 और फिर 32,970 डॉलर कर दी गईं।

काफी आलोचना के बाद फीफा ने राष्ट्रीय महासंघों के नियमित समर्थकों के लिए 60 डॉलर वाले टिकट पेश किए। इनफेंटिनो ने कहा कि इस वर्ग में 1,30,000 टिकट की पेशकश की गई थी। चार साल पहले कतर में हुए टूर्नामेंट में कीमतें 69 से 1,607 डॉलर के बीच थीं।

इनफेंटिनो ने कहा, "अगर आप इसे कम कीमत पर बेचते हैं तो इस खास बाजार में यह बिक जाता जो इस देश में पूरी तरह से कानूनी है लेकिन सेकेंडरी बाजार में बहुत-बहुत-बहुत अधिक कीमत पर बिकता और तब पैसा कहां जाता? उन लोगों के पास जो सेकेंडरी बाजार या कालाबाजारी करते हैं, ना कि फुटबॉल के पास।"

सोमालिया रेफरी विवाद पर भी बोले फीफा अध्यक्ष

फीफा प्रेसिडेंट इनफेंटिनो ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सोमालिया के रैफरी उमर अर्टन को अमेरिका में प्रवेश नहीं मिला। उन्होंने कहा, "हम हर चीज को नियंत्रित नहीं करते। हम कोशिश करते हैं। हम चर्चा करेंगे, बात करेंगे, देखेंगे। कभी-कभी शांत रहना भी अच्छा होता है। हम हर चीज का समाधान निकालने की कोशिश करते हैं। कभी-कभी तुरंत चिल्लाने से समाधान मिलने के बजाय उलटा असर होता है। मेरी बात पर यकीन करें या ना करें, लेकिन हम हमेशा समाधान खोजने की कोशिश करते हैं, हमेशा। लेकिन हमें यह भी समझना होगा कि हम दुनिया के राजा नहीं हैं जो सरकारों और पुलिस बलों पर हुक्म चला सकें।"

विश्व कप में अधिकारी की भूमिका निभाने वाले सोमालिया के पहले रैफरी बनने जा रहे अर्टन को शनिवार को मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिका में घुसने से रोक दिया गया। अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा विभाग ने एक बयान में कहा कि उन्हें जांच-पड़ताल से जुड़ी कुछ चिंताओं के कारण रोका गया लेकिन इन चिंताओं के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इनफेंटिनो ने कहा, "हमारी दुनिया बहुत आक्रामक है और सुरक्षा सबसे ऊपर है इसलिए जो फैसले लिए जाते हैं उनका सम्मान करना जरूरी है। हम पर्दे के पीछे रहकर काम कर रहे हैं।"

ईरान और अमेरिका पर भी दिया बयान

इनफेंटिनो ने फीफा की तारीफ की कि उसने उन मुश्किलों को सुलझाया जिनकी वजह से ईरान टूर्नामेंट में खेल पा रहा है जबकि इस समय अमेरिका का इस देश के साथ युद्ध चल रहा है। ईरान की टीम ने अपना ट्रेनिंग शिविर अमेरिका से हटाकर मैक्सिको में कर लिया है और वे मैच से ठीक पहले अमेरिका के लिए उड़ान भरेंगे। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि ईरान को अमेरिका में खेलने के लिए लाना पहले ही एक कामयाबी है। मुझे नहीं पता कि और कौन ऐसा कर पाता। और जाहिर है यहां हर कोई मानता है कि यह सही काम है। लेकिन फिर भी, हम चांद पर नहीं रहते। हम धरती पर रहते हैं और हमें अलग-अलग हालात का सामना करना पड़ता है।"

इनफेंटिनो ने दावा किया कि यह टूर्नामेंट शायद इंसानी इतिहास का सबसे बड़ा टूर्नामेंट होगा। इनफेंटिनो ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बिना यह टूर्नामेंट नहीं हो सकता था। उन्होंने कहा, "उनकी भागीदारी के बिना मुझे लगता है कि यह नामुमकिन होता। अमेरिका में विश्व कप का आयोजन करना नामुमकिन होता। उन्होंने तुरंत विश्व कप के बड़े पैमाने और उसके असर को समझ लिया।"

कितनी होगी फीफा वर्ल्ड कप से कमाई

फीफा इस टूर्नामेंट से 11 अरब डॉलर की कमाई का अनुमान लगा रहा है और इनफेंटिनो ने कहा कि संचालन संस्था इससे कहीं अधिक कमाई कर सकती थी। उन्होंने कहा, "हम सब कुछ ’पे-पर-व्यू’ (पैसे देकर देखने वाला) कर सकते थे। शायद हम 30 अरब डॉलर की कमाई कर लेते। लेकिन तब दुनिया में अरबों लोग ऐसे होते जो विश्व कप नहीं देख पाते।"

(भाषा इनपुट के साथ)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

और पढ़ें
End of Article