FIFA World Cup 2026: इस बार का फुटबॉल वर्ल्ड कप सिर्फ गोल के नए-नए रिकॉर्ड नहीं बना रहा है, बल्कि तमाम अन्य चीजों को लेकर भी सुर्खियों में है। इन्हीं में से एक है इस बार लागू गया एक नया नियम जिसमें मुंह ढकने पर सजा मिल जाती है, इसका ताजा शिकार बने हैं इक्वाडोर के खिलाड़ी पिएरो हिनकैपी, जो विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा के नए नियम के तहत विश्व कप में लाल कार्ड (Red Card) पाने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं।
इस नियम में प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाड़ी के साथ बहस के दौरान मुंह ढकने पर खिलाड़ी को लाल कार्ड दिखाकर बाहर करने का प्रावधान है। मैक्सिको की राउंड ऑफ 32 में इक्वाडोर पर 2-0 से जीत के दौरान हिनकैपी को दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के पांचवें मिनट में बाहर भेज दिया गया था। उन्हें मैक्सिको के फॉरवर्ड सैंटी गिमेनेज के साथ झड़प के दौरान मुंह ढकने के लिए लाल कार्ड दिखाया गया था। इक्वाडोर टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है लेकिन हिनकैपी उसके अगले अंतरराष्ट्रीय मैच में नहीं खेल पाएंगे।
फीफा ने यह नया नियम इसलिए बनाया है ताकि खिलाड़ी अपने मुंह को ढककर विरोधी टीम के खिलाड़ियों के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणियों को छुपा न सकें। पराग्वे के मिगुएल अल्मिरोन इस नए नियम के तहत दंडित होने वाले पहले खिलाड़ी थे। उन्हें पिछले सप्ताह तुर्की के खिलाफ ग्रुप चरण के मैच में मैदान से बाहर भेज दिया गया था।
मैक्सिको के फैंस ने फिर से लगाए समलैंगिक विरोधी नारे
इस मुकाबले के दौरान मैक्सिको के प्रशंसकों ने पहले हाफ में फिर से ऐसा नारा लगाया जिसे समलैंगिक विरोधी माना जाता है। यह नारा अपमानजनक माना जाता है जिसका स्पेनिश में शाब्दिक अर्थ पुरुष वैश्या होता है। आमतौर पर तब लगाया जाता है जब विपक्षी गोलकीपर गोल किक ले रहा होता है। प्रशंसकों ने मंगलवार रात को मैच के पांचवें मिनट में ऐसा किया, जब हर्नान गैलिंडेज़ मैच की अपनी पहली गोल किक मार रहे थे। टूर्नामेंट में यह दूसरी बार है जब प्रशंसकों ने इस नारे का इस्तेमाल किया है। मैक्सिको फुटबॉल महासंघ पर अतीत में इसके कारण कई बार जुर्माना भी लगाया गया है।
