Cristiano Ronaldo Retirement: पुर्तगाल के कप्तान और स्टार फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने गुरुवार को संन्यास का ऐलान कर दिया है। रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय टीम से संन्यास का ऐलान किया। अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा की साझा मेजबानी में आयोजित फीफा विश्व कप 2026 में रोनाल्ड पुर्तगाल की जर्सी में खेलते हुए नजर आए थे। उनकी टीम
अगस्त 2003 में शुरू हुए अपने 23 वर्षों के लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर को याद करते हुए रोनाल्डो ने कहा कि यह फैसला केवल दिमाग से नहीं बल्कि दिल से लिया गया है उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए राष्ट्रीय टीम का मतलब केवल गोल, रिकॉर्ड या ट्रॉफियां नहीं हैं, बल्कि वे लाखों पुर्तगाली प्रशंसक और दुनिया भर में बसे इमिग्रेंट्स हैं जो फ़ुटबॉल के जरिए एकजुट महसूस करते थे। रोनाल्डो ने मैदान पर बीते हर पल, जीत और हार के अनुभवों को साझा करते हुए अपने साथी खिलाड़ियों, कोचों, मेडिकल व ग्राउंड स्टाफ, परिवार और समर्थकों का आभार व्यक्त किया।
रोनाल्डो ने कहा कि मैदान पर उनका सफर भले ही समाप्त हो रहा हो, लेकिन वे हमेशा पुर्तगाल के समर्थक बने रहेंगे। उनके लिए सबसे बड़ी जीत दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर पाना थी। पुर्तगाली भाषा में दिए अपने विदाई संदेश में रोनाल्डो ने कहा, पुर्तगाल के लोगों को हम सबकी राष्ट्रीय टीम की नंबर सात जर्सी लौटाने का दिन आ गया है। मैंने इसे कभी केवल अपना नहीं समझा,लेकिन 23 साल तक मुझे इसे पहनने, इसका बचाव करने और इसे दुनिया भर के स्टेडियमों में अपने साथ ले जाने का विशेषाधिकार और जिम्मेदारी मिली। आज इसे भविष्य को सौंपने का वक्त आ गया है। यह एक आसान फैसला नहीं था, क्योंकि कुछ फैसले सिर्फ दिमाग से नहीं, बल्कि दिल से भी लिए जाते हैं।'
वह यात्रा समाप्त होती है जो अगस्त 2003 में शुरू हुई थी और जिसने मेरी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल दी। जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं और राष्ट्रीय टीम में बिताए हर पल के बारे में सोचता हूं, तो मुझे सिर्फ मैच,गोल,रिकॉर्ड या ट्रॉफियां नहीं दिखाई देतीं; मुझे लोग दिखाई देते हैं। मुझे वे अप्रवासी (इमिग्रेंट्स) दिखाई देते हैं जो 90 मिनट के लिए पुर्तगाल को अपने थोड़ा और करीब महसूस करते थे। मुझे लाखों ऐसे पुर्तगाली दिखाई देते हैं जिनसे मैं कभी व्यक्तिगत रूप से नहीं मिला, लेकिन वे मेरी ज़िंदगी का हिस्सा बने। फुटबॉल एक खेल से कहीं बढ़कर है। राष्ट्रीय टीम में अपने पूरे करियर के दौरान, मैंने हमेशा अपनी सीमाओं को पार करने की कोशिश की।'
उन्होंने आगे कहा, मैं जीतना चाहता था, सर्वश्रेष्ठ बनना चाहता था, इतिहास रचना चाहता था। मैं हमेशा अपने प्रति सख्त रहा, हमेशा और अधिक चाहता था, हमेशा यह विश्वास रखा कि हम और आगे तक जा सकते हैं और मैंने इस जर्सी के लिए अपना सब कुछ दिया। कुछ दोपहर और रातें बिल्कुल सही रहीं, कुछ जीत ऐसी रहीं जिन्हें मैं कभी नहीं भूलूंगा, और कुछ ऐसी हार भी रहीं जिन्हें याद करना आज भी कठिन लगता है । मैं नाकाम भी हुआ, मैंने दर्द भी सहा, और ऐसे मौके भी आए जब मैं पुर्तगाल के लोगों को वह नहीं दे सका जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने पर मुझे जो गर्व महसूस होता है वह कभी कम नहीं हुआ।'
23 साल के करियर में मैंने बहुत सरल बातें सीखी हैं। गोल बीत जाते हैं, ट्रॉफियां संग्रहालयों में रह जाती हैं, रिकॉर्ड आखिरकार टूट जाते हैं, लेकिन एक चीज ऐसी है जिसे समय कभी नहीं मिटा सकता, वह है जो जगह आप लोगों के दिलों में बनाते हैं। अगर मैंने कभी आपको खुशी दी, अगर मेरे किसी गोल ने आपको किसी को गले लगाने पर मजबूर किया, किसी चिंता को भुलाया या हमारे देश पर गर्व महसूस कराया तो मेरा सब कुछ करना सार्थक रहा।'
