कोलंबो: जिंबाब्वे ने श्रीलंका को टी20 विश्व कप 2026 के अपने आखिरी लीग मुकाबले में 6 विकेट से पटखनी देकर सबको हैरान कर दिया। श्रीलंका ने मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 178 रन का स्कोर खड़ा किया था। ऐसे में जीत के लिए मिले 179 रन के लक्ष्य को सिकंदर रजा की कप्तानी वाली टीम ने ब्रायन बेनेट की 48 गेंद पर 63 रन की नाबाद और सिंकदर रजा की 26 गेंद में 45 रन की पारी की बदौलत हासिल कर लिया। आखिरी 6 गेंद में 8 रन की दरकार जिंबाब्वे को थी। पहली ही गेंद पर मुनयोंगा ने महीष तीक्ष्णा की गेंद पर छक्का जड़ दिया और टीम की जीत के मुहाने पर पहुंचा दिया। जिंबाब्वे ने 3 गेंद और 6 विकेट शेष रहते मैच अपने नाम कर लिया और ग्रुप बी में 4 मैच में 3 जीत और 7 अंक के साथ पहले पायदान पर रही। सिकंदर रजा को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
निसंका और परेरा ने दिलाई श्रीलंका को तेज शुरुआत
मैच में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 178 रन का स्कोर खड़ा किया। टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की शुरूआत अच्छी रही। सलामी बल्लेबाज कुसल परेरा (22) और पथुम निसांका (62) ने 4.5 ओवर में 54 रन बनाये। बायें हाथ के बल्लेबाज परेरा सहज नहीं दिखे लेकिन तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी को उन्होंने दो चौके लगाये। वह हालांकि मुजरबानी के बाउंसर पर पुल शॉट खेलने के प्रयास में शॉर्ट फाइन लेग पर ग्रीम क्रेमर को कैच दे बैठे।
पॉवरप्ले के बाद जिंबाब्वे के स्पिनर्स ने कसा सिकंजा
श्रीलंका के बल्लेबाजों ने पावरप्ले में एक विकेट पर 61 रन बना लिये थे लेकिन इसके बाद रनगति धीमी पड़ गई। जिम्बाब्वे के स्पिनरों सिकंदर रजा, क्रेमर,रियान बर्ल और वेलिंगटन मसाकाजा ने मेजबान बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिए। अगले चार ओवरों में सिर्फ 21 रन बने। इस बीच कुसल मेंडिस का विकेट भी गिरा जो 20 गेंदों में 14 रन ही बना सके। वहीं पिछले मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक बनाने वाले निसांका ने 34 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। वह क्रेमर की गेंद पर रिवर्स स्वीप लगाने के प्रयास में टोनी मुनिनोगा को कैच दे बैठे। पवन रत्नायके ने 25 गेंद में 44 रन बनाये और ब्राड इवांस को 19वें ओवर में दो चौके और एक छक्का जड़कर श्रीलंका को 150 रन के पार पहुंचाया। श्रीलंका के बल्लेबाजों ने आखिरी दो ओवरों में 30 रन जोड़े।
अच्छी शुरुआत के बाद मंद पड़ी जिंबाब्वे की रनों की रफ्तार
जीत के लिए 179 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिंबाब्वे की टीम को ब्रायन बेनेट और मुरुमनी ने पारी की शुरुआत की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 69 रन की साझेदारी की। ये साझेदारी नौवें ओवर की तीसरी गेंद पर टूटी। दुनिथ वेलालागे ने मुरुमनी का कैच अपनी ही गेंद पर लपककर उन्हें चलता कर दिया। मुरुमनी ने 34(26) रन बनाए। मुरुमनी के आउट होने के बाद बेनेट को रियान बर्ल का साथ मिला। दोनों मिलकर टीम को 100 रन के करीब ले गए। 98 के स्कोर पर बर्ल 12 गेंद में 23 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपनी पारी में 2 चौके और एक छक्का जड़ा।
सिंकदर रजा ने पलटा मैच का रुख
दो विकेट गंवाने के बाद बल्लेबाजी करने कप्तान सिकंरर रजा उतरे। बेनेट एक छोर संभाले रहे और दूसरे छोर से सिकंदर रजा ने हल्ला बोल दिया। जिंबाब्वे ने 100 रन के आंकड़े को 11.5 ओवर में पार किया। 14 ओवर में जिंबाब्वे ने 114 रन बना लिए थे। रजा और बेनेट ने तेजी से बल्लेबाजी करते हुए जिंबाब्वे को 16.1 ओवर में 150 रन के पार पहुंचा दिया। बेनेट और रजा ने तीसरे विकेट के लिए 27 गेंद में अर्धशतकीय साझेदारी करके टीम को जीत की पटरी पर वापस ले आए। बेनेट ने अपना अर्धशतक 41 गेंद में 6 चौके की मदद से पूरा किया।
अजेय रही जिंबाब्वे की टीम
19वें ओवर में अर्धशतक की ओर बढ़ रहे सिकंदर रजा का शानदार कैच दसुन शनाका ने लपककर श्रीलंका की मैच में वापसी कराने की पुरजोर कोशिश की। रजा 26 गेंज में 45 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उन्होंने अपनी पारी में 2 चौके और 4 छक्के जड़े। अंतिम ओवर में जीत के लिए 8 रन जिंबाब्वे को चाहिए थे जिसे उसने मुनयोंगा के पहली गेंद पर जड़े छक्के की मदद से हासिल कर लिया। और ग्रुप दौर का अंत अजेय रहते हुए किया। जिंबाब्वे की टीम ग्रुप बी में 4 मैच में 3 जीत और एक रद्द मुकाबले के साथ पहले पायदान पर रही। उसके खाते में 7 अंक हैं। वहीं श्रीलंका की टीम 4 मैच में 3 जीत के साथ दूसरे स्थान पर रही।
(डेवलपिंग स्टोरी)
