लंदन: इंग्लैंड क्रिकेट इतिहास के दूसरे सफल तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने शनिवार को ओवल टेस्ट के तीसरे दिन अचानक संन्यास का ऐलान कर दिया। ब्रॉड ने संन्यास का ऐलान करते हुए कहा कि अपने खेल के सर्वोच्च स्तर पर रहते हुए क्रिकेट को अलविदा कहना चाहते थे। इसलिए उन्होंने एशेज सीरीज के समाप्त होने के साथ ही करियर समाप्ति का फैसला किया।
युवराज ने छुड़ा दिए थे ब्रॉड के टी20 में छक्के
स्टुअर्ट ब्रॉड ने 167 टेस्ट में कुल 602 विकेट अपने नाम किए। वो टेस्ट क्रिकेट इतिहास के पांचवें सबसे सफल गेंदबाज के रूप में खेल को अलविदा कह रहे हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में टीम इंडिया के धाकड़ बल्लेबाज युवराज सिंह ने उनके छक्के छुड़ा दिए थे। 2007 के टी20 विश्व कप के दौरान युवराज ने ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के जड़ने का कारनामा कर दिखाया था। वो पल ब्रॉड के क्रिकेट करियर का सबसे अनचाहा पल था। उस मैच के बाद तो ऐसा लगा था कि ब्रॉड का करियर शुरू होते ही खत्म हो जाएगा। लेकिन उसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की और 16 साल बाद महान क्रिकेटर के रूप में खेल को अलविदा कह रहे हैं।
युवराज ने बताया लीजेंड
ब्रॉड के छक्के छुड़ाने वाले युवराज सिंह संन्यास के ऐलान के बाद उन्हें ट्वीट करके बधाई संदेश दिया है। युवराज ने कहा, स्टुअर्ट ब्रॉड आपको शानदार टेस्ट करियर के लिए बधाई। लाल गेंद के साथ दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में से एक और वास्तविक जीवन में लीजेंड। आपकी यात्रा और दृढ़ संकल्प बेहद प्रेरणादायक रहे। जीवन की नए चरण के लिए शुभकामनाएं ब्रॉडी।
छह छक्के वाले दिन को ब्रॉड ने बताया सबसे मुश्किल
शनिवार को संन्यास के ऐलान के बाद प्रेस वार्ता में ब्रॉड ने उसका जिक्र भी किया। ब्रॉड ने कहा कि छह गेंद में छह छक्के खाने वाला दिन करियर का सबसे मुश्किल था। उस वक्त मेरी उम्र 21-22 साल थी। उस वाकये से कुल मिलाकर मैंने बहुत कुछ सीखा। उसने मुझे मानसिक रूप से मजबूत बनाने में मदद की। मुझे पता था कि मेरा अंतरराष्ट्रीय करियर अभी बहुत बाकी है। उससे पहले मैं मैच से पहले तैयारी नहीं करता था लेकिन उस घटना के बाद मैंने अपना योद्धा वाला रूप तैयार करना शुरू कर दिया। मैं नहीं चाहता था कि ऐसा मेरे साथ हो। वो वाकया मेरे लिए कुल मिलाकर करियर में मददगार साबित हुआ।
