Yash Dayal Video call With His Mother: एक साल में यूपी के उभरते हुए तेज गेंदबाज यश दयाल ने विलेन से हीरो बनने तक का सफर तय किया। पिछले सीजन उन्होंने रिंकू सिंह के खिलाफ 5 छक्के खाए थे और इस सीजन उन्होंने क्रिकेट की दुनिया के सबसे बड़े फिनिशर्स एमएस धोनी के खिलाफ न केवल 16 रन डिफेंड किया बल्कि उन्हें आउट कर अपनी टीम को रोमांचक जीत दिला दी। इस बड़े पल को उन्होंने अपनी मां के साथ बांटा। ऐसा कहा जाता है कि अपने बच्चे की पीड़ा एक मां ही समझ सकती है और यही कारण है कि सीएसके के खिलाफ मैच जीतने के बाद उन्होंने अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात की।
मां हो गई थी बीमार
पिछले सीजन आज से ठीक 405 दिन पहले एक ओवर में रिंकू सिंह के खिलाफ पांच छक्के खाने के बाद यश दयाल के करियर को बिखरता देख उनकी मां, राधा दयाल बीमार हो गई थी। इतना ही नहीं इस मैच के बाद यश दयाल भी शोक में थे जिसके कारण उनका भी वजन घट गया था, लेकिन सीएसके के खिलाफ इस सीजन डाले गए एक ओवर ने सब कुछ बदल दिया।
करियर खत्म कर सकता था वो ओवर
रिंकू के बल्ले से हुई आतिशबाजी वाले उस ओवर से दयाल के आगे के करियर के रास्ते बंद हो जाने वाले थे। उन्हें सोशल मीडिया में कई तरह के आलोचना का सामना करना पड़ा था।
दयाल ने किया 16 रन डिफेंड
दयाल ने आईपीएल के महानतम फिनिशर्स महेंद्र सिंह धोनी और रविंद्र जडेजा के सामने एक ओवर में 16 रन नहीं बनने दिए। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को आईपीएल प्लेआफ में पहुंचाने वाला करिश्माई 20वां ओवर डालकर दयाल ने अपने और अपनी मां के हर जख्म पर मरहम लगा दिया। यहां तक कि रिंकू ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर लिखा ,‘‘ यह ईश्वर की इच्छा थी।’’
दयाल ने मां से किया वीडियो कॉल
उस ओवर के बाद दयाल ने अपनी मां को वीडियो कॉल किया और पूछा ,‘‘ कैसा फील कर रही हो।’’ दयाल परिवार में देर रात तक जश्न चलता रहा। उनके पिता चंद्रपाल ने कहा कि उनके बेटे ने अपनी मां से कहा था कि उसे यकीन था कि वह एम एस धोनी को विजयी रन नहीं बनाने देंगे।’’
पिता भी हैं क्लब लेवल के क्रिकेटर
क्लब स्तर पर क्रिकेट खेल चुके चंद्रपाल 2019 में प्रयागराज में महा लेखाकार के कार्यालय से रिटायर हुए हैं। नौ अप्रैल को अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम पर रिंकू सिंह के पांच छक्के झेलने वाले अपने बेटे के साथ वह चट्टान की तरह डटे रहे हैं।
फिर डरा रहा था पिछले सीजन का वह ओवर
उन्होंने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा ,‘‘ वो डरावना सपना फिर से आ रहा था जब धोनी ने पहली गेंद पर छक्का लगाया। लेकिन मुझे भीतर से लग रहा था कि इस बार कुछ अच्छा होगा। यह उसकी कड़ी मेहनत का नतीजा है। ईश्वर की कृपा है।’’
पिता ने बेटे को दी हिम्मत
पिछले साल गुजरात टाइटंस ने दयाल को रिलीज कर दिया लेकिन आरसीबी ने उस पर भरोसा जताया। पिछले आईपीएल के बाद वह बीमार हो गया था लेकिन उसके पिता उसके प्रेरणास्रोत बने।
ब्रॉड का नाम लेकर किया मोटिवेट
उन्होंने कहा ,‘‘ मैं उसे स्टुअर्ट ब्रॉड का उदाहरण देता था कि कैसे टी20 विश्व कप 2007 में युवराज सिंह के एक ओवर में छह छक्के गंवाने के बावजूद स्टुअर्ट ब्रॉड इतना महान गेंदबाज बना। मैने यही कोशिश की कि वह मानसिक रूप से मजबूत बना रहे और अवसाद का शिकार नहीं हो।’’ दयाल ने वापसी के लिये फिटनेस और मानसिक दृढता हासिल करने की कवायद में मीठा , आइसक्रीम और मटन कीमा तक खाना छोड़ दिया था।
(भाषा इनपुट के साथ)
