What is Timed Out Rule in Cricket: आज हर क्रिकेट फैन के मन में यही सवाल चल रहा होगा कि आखिर 'टाइम्ड आउट' नियम क्या होता है। दरअसल, दिल्ली में श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच विश्व कप 2023 मुकाबले में सोमवार को कुछ ऐसा हो गया जिससे क्रिकेट का ये नियम अचानक सुर्खियों में आ गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार किसी बल्लेबाज को टाइम्ड आउट करार देते हुए पवेलियन लौटने पर मजबूर कर दिया गया, ये खिलाड़ी बने श्रीलंका के अनुभवी ऑलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज (Angelo Mathews)।
मैच में श्रीलंकाई टीम पहले बल्लेबाज कर रही थी, इसी बीच सदीरा समरविक्रम के आउट होने के बाद एंजेलो मैथ्यूज जैसे ही क्रीज पहुंचे और हेलमेट लगाने लगे तो उसका स्ट्रैप टूट गया। उन्होंने ड्रेसिंग रूम से दूसरा हेलमेट लाने का इशारा किया लेकिन इसमें काफी समय लग गया। इस बीच बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने मैथ्यूज के खिलाफ टाइम आउट की अपील की और अंपायर मराइस इरासमस ने उन्हें आउट करार दे दिया।
मैथ्यूज ने अंपायर और शाकिब से बात की और अपने हेलमेट का टूटा हुआ स्ट्रैप भी दिखाया लेकिन बांग्लादेश के कप्तान ने अपील वापस लेने से इनकार कर दिया और श्रीलंका के बल्लेबाज को वापस लौटना पड़ा। मैथ्यूज इससे काफी नाराज दिखे और उन्होंने बाउंड्री पर अपने हेलमेट का टूटा हुआ स्ट्रैप सभी को दिखाया और फिर गुस्से में इसे जोर से जमीन पर दे मारा।
क्या है टाइम्ड आउट नियम? (What is Timed Out Rule)
क्रिकेट के खेल के संरक्षक मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के नियम 40.1.1 के अनुसार अगर किसी बल्लेबाज के आउट या रिटायर होने पर अगला बल्लेबाज नियमित समय के भीतर अगली गेंद का सामना नहीं करता है तो उसे टाइम आउट दिया जा सकता है। एमसीसी के नियम के अनुसार, ‘‘विकेट गिरने या बल्लेबाज के रिटायर होने के बाद, अगर अंपायर खेल नहीं रोकता है तो आने वाले बल्लेबाज या अन्य बल्लेबाज को विकेट गिरने या बल्लेबाज के रिटायर होने के तीन मिनट के भीतर अगली गेंद का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। अगर यह जरूरत पूरी नहीं होती है तो आने वाले बल्लेबाज को टाउम आउट दिया जाएगा।’’
मैथ्यूज के मामले में हालांकि आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2023 के खेलने के हालात से जुड़ा नियम लागू हुआ जिसमें तीन मिनट के समय को घटाकर दो मिनट किया गया है। विश्व कप 2023 के खेलने के हालात संबंधी नियम 40.1.1 के अनुसार, ‘‘विकेट गिरने या बल्लेबाज के रिटायर होने के बाद, अगर अंपायर खेल नहीं रोकता है तो आने वाले बल्लेबाज या अन्य बल्लेबाज को विकेट गिरने या बल्लेबाज के रिटायर होने के दो मिनट के भीतर अगली गेंद का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। अगर यह जरूरत पूरी नहीं होती है तो आने वाले बल्लेबाज को टाउम आउट दिया जाएगा।’’ शाकिब के अपील वापस नहीं लेने से हालांकि क्रिकेट भावना को लेकर सवाल भी उठे हैं।
सचिन के खिलाफ जब अपील नहीं की गई थी
इससे पहले 2006-07 में न्यूलैंड्स में एक टेस्ट के दौरान दक्षिण अफ्रीका के तत्कालीन कप्तान ग्रीम स्मिथ ने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के खिलाफ ‘टाइम आउट’ की अपील नहीं की थी जबकि वह क्रीज पर देर से पहुंचे थे।
