इंदौर: रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंदौर में खेले गए सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में 9 विकेट के अंतर से करारी हार का सामना करना पड़ा। नागपुर और नई दिल्ली में भारत ने जिस जाल में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को फंसाया उसी जाल में वो इंदौर में फंस गई। ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों ने अपनी फिरकी में फांसकर भारतीय बल्लेबाजों को पहली पारी में 109 और दूसरी पारी में 163 रन पर ढेर कर दिया। इसके बाद अंत जीत के लिए मिले 76 रन के स्कोर को 18.5 ओवर में 9 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया।
पहली पारी में की खराब बल्लेबाजी
इंदौर टेस्ट में हार के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने कहा, जब आप टेस्ट मैच हारते हैं तो बहुत सी चीजें आपके पक्ष में नहीं गई होती हैं। हार की पहली वजह यह रही कि हमने पहली पारी में अच्छी बल्लेबाजी नहीं की। हम ये बात अच्छी तरह समझते हैं कि पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करना कितना अहम होता है। पहली पारी मे 80-90 रन से पिछड़ने के बाद हमें बल्ले से अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए था जो हम नहीं कर सके और केवल 75 रन की बढ़त हासिल कर पाए।
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल पर नहीं है नजर
क्या अहमदाबाद में खेले जाने वाले सीरीज के चौथे टेस्ट में जीत के साथ-साथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल पर नजर होगी। इसके जवाब में रोहित ने कहा, ईमानदारी से कहूं तो हमने इस बारे में ज्यादा नहीं सोचा है। ये मैच अभी खत्म हुआ है अगले मैच से पहले हम एकजुट होकर यह विचार करना होगा कि एक टीम के रूप में बेहतर होने के लिए क्या करना चाहिए?
नॉथन लॉयन ने की शानदार गेंदबाजी
रोहित ने आगे कहा, जब आप चुनौतीपूर्ण विकेट पर खेलते हैं तो आपको अच्छी गेंदबाजी करनी होती है। हमने उनके गेंदबाजों को एक जगह पर गेंदबाजी करने का मौका दिया। मैं उनके गेंदबाजों से श्रेय नहीं छीनना चाहता हूं। खासकर नाथन लॉयन से। उन्होंने बेहतरीन और सटीक गेंदबाजी की। हमें बहादुरी से उनका सामना करना चाहिए था जो हम नहीं कर पाए।
एकजुट होकर करेंगे वापसी
रोहित ने अंत में कहा, हमने पहले दो टेस्ट में अच्छी बल्लेबाजी की थी उसका श्रेय हमें मिलना चाहिए। एक मैच आपके लिए तब खराब हो जाता है जब सबकुछ आपके फेवर में नहीं होता है। ऐसी स्थिति में भी आपको ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत होती है जो एकजुट होकर सामने आएं। हम चाहते थे कि कुछ खिलाड़ी अच्छा करें लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
