एडिलेड: कल्पना कीजिए कि उप-महाद्वीप का एक बल्लेबाज आकर ऐसे देश में बल्ले से गेंदबाजों पर हावी होकर खेलता है, जिसे विदेशी खिलाड़ियों के लिए कब्रगाह माना जाता हो। आपको ऐसा करने के लिए विशेष होने की जरूरत है। विराट कोहली (Virat Kohli) पीढ़ी में आया एक खिलाड़ी सिर्फ इसलिए नहीं कहलाते क्योंकि वो निरंतर रन बना रहे हैं, लेकिन क्योंकि वो हावी होकर खेलते हैं। वो गेंदबाज के दिमाग में घुस जाते हैं। एक गेंदबाज होने के नाते आपको अगले दिन कोहली को गेंदबाजी करनी है तो आप उनके बारे में बिना सोचे नहीं सोते हैं।
कोहली भले ही आपके मुंह पर जवाब देते हो, लेकिन यही उनका स्टाइल है, इसी से उनमें जोश भरता है। आक्रामक होने से कोहली का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलता है। 2011/12 की ऑस्ट्रेलिया सीरीज याद है? वो सीरीज जहां चार टेस्ट में दिग्गज खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय ऑस्ट्रेलियाई सीरीज ने खूब परेशान किया था, लेकिन कोहली के रूप में एक नए बल्लेबाज ने आकार लिया था। उन चार मैचों में कोहली भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। उन्होंने एडिलेड में शतक सहित सीरीज में 300 से ज्यादा रन बनाए थे।
ऑस्ट्रेलिया के पहले ही दौरे पर शतक जमाना, विशेष था। कोहली आम नहीं थे और यही से कोहली के ऑस्ट्रेलिया और एडिलेड में हावी होकर खेलने की शुरूआत हुई। टेस्ट में 1352 रन, वनडे में 1327 रन और टी20 इंटरनेशनल मैचों में 697* रन- यह ऑस्ट्रेलिया में विदेशी बल्लेबाज के शानदार आंकड़ें हैं। इनमें से 907 रन केवल एडिलेड में बने। कोहली को एडिलेड में खेलना बेहद पसंद है। एडिलेड ओवल में 14 पारियों में 5 शतक और तीन अर्धशतक कोहली ने जमाए हैं।
2018-19 दौरे के दौरान एक इंटरव्यू में कोहली ने कहा था कि वो एडिलेड की पिच को अपने घर ले जाएंगे। यह उनके लिए इतना विशेष है। कोहली ने एमएस धोनी के टेस्ट कप्तानी छोड़ने के बाद अपना टेस्ट कप्तानी डेब्यू भी एडिलेड में ही किया था। उन्होंने दोनों पारियों में शतक जमाए और अपने दम पर भारत को जीत के करीब पहुंचाया था। 2015 वर्ल्ड कप में एडिलेड में पाकिस्तान के खिलाफ कोहली ने शतक जमाया था। वो यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी वनडे शतक जमा चुके हैं।
मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप की बात करें तो भारत-बांग्लादेश मुकाबले पर सभी की नजरें लगी हुई थीं। कोहली ने इस मौके पर 44 गेंदों में नाबाद 64 रन बनाकर एडिलेड से अपने लगाव को साबित किया और भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। कोहली को ही इस मुकाबले का प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था। तब उनसे एडिलेड के प्रति अपने लगाव के बारे में पूछ गया तो पूर्व कप्तान ने जवाब दिया, 'मुझे इस ग्राउंड पर खेलना पसंद है। मुझे यहां घर जैसा महसूस होता है। मैं एडिलेड में आकर अपनी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाता हूं।'
भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप का दूसरा सेमीफाइनल मैच एडिलेड में ही खेला जाएगा। भारतीय फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि बड़े मौके पर कोहली अपना विराट रूप दिखाएंगे और भारत को जीत दिलाकर फाइनल में पहुंचाएंगे। भारतीय टीम अगर गुरुवार को इंग्लैंड को हराने में कामयाब हुई तो मेलबर्न में 13 नवंबर को फाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगी।
