टी20 वर्ल्ड कप 2024 की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इस बार यह टूर्नामेंट वेस्टइंडीज और अमेरिका की मेजबानी में खेला जाएगा। 1 जून से 29 जून के बीच चलने वाले क्रिकेट के इस महाकुंभ में टीम इंडिया एक बार फिर अपने आईसीसी ट्रॉफी जीतने के सपने को साथ लेकर उतरेगी। उससे पहले इस बात की चर्चा सबसे ज्यादा है कि आखिर क्यों एक साल तक युवा खिलाड़ियों को आजमाने के बाद टीम मैनेजमेंट ने विराट कोहली की ओर रुख किया। उन्होंने 14 महीने बाद अफगानिस्तान के खिलाफ क्रिकेट के इस फॉर्मेट में वापसी की थी।
रविचंद्रन अश्विन ने बताया कारण
अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैच की टी20 सीरीज में विराट कोहली ने 14 महीने बाद वापसी की। उनकी वापसी दमदार तो नहीं रही, उन्होंने इंदौर टी20 में 16 गेंद में 29 रन की पारी खेली जबकि चिन्नास्वामी में वह खाता भी नहीं खोल पाए। इसके बावजूद अश्विन विराट को टीम इंडिया का सबसे जरूरी खिलाड़ी बता रहे हैं। अश्विन ने कहा 'टी20 क्रिकेट में विराट कोहली की निरंतरता लाजवाब है और टी20 क्रिकेट में हमेशा यह महत्वपूर्ण रही है।
मुश्किल पिचों का दिया हवाला
रविचंद्रन ने वेस्टइंडीज की मुश्किल पिचों का हवाला देते हुए कहा 'वेस्टइंडीज में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2024 में पिचें लगभग चेपॉक जैसी ही होंगी, जहां गेंद धीमी आएगी और गेंदबाजों को टर्न भी मिलेगी। मैच कम स्कोर वाले होंगे, यही कारण है कि निरंतरता महत्वपूर्ण है और विराट कोहली की भूमिका भारत के लिए महत्वपूर्ण होगा'
विराट कोहली का T20I रिकॉर्ड
वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर आपको अनुभवी खिलाड़ियों की जरुरत होती है और टी20 क्रिकेट में विराट का अनुभव उनकी दावेदारी को और भी मजबूत बनाती है। T20I क्रिकेट की बात करें तो विराट ने 117 मैच में 51.76 की औसत और 138.16 की स्ट्राइक रेट से सर्वाधिक 4,037 रन बनाए हैं, जिसमें उनके नाम 1 शतक और 37 अर्धशतक हैं।
