टीम इंडिया के तेज गेंदबाज इशांत शर्मा की गिनती उन खिलाड़ियों में होती है जो विराट कोहली को उनके करियर के शुरुआती दिनों से जानते हैं। ऐसे में दिल्ली के उनके इस साथी खिलाड़ी ने उनके बारे में कई ऐसी बातें साझा की है जो बताती है कि विराट की लाइफ में क्रिकेट से बढ़कर कुछ नहीं है, कैसे वह अपने करियर के खराब दौरे में हार नहीं मानते हैं और लगातार अपनी बल्लेबाजी से आलोचकों को करार जवाब देते हैं।
विराट की डिक्शनरी में 'Hope' शब्द नहीं
इशांत ने एक यूट्यूब चैनल BeerBiceps को दिए गए इंटरव्यू में विराट की तारीफ की और कहा 'विराट की डिक्शनरी में उम्मीद (Hope) जैसा कोई शब्द नहीं है, केवल एक ही शब्द है विश्वास (Belief)। यही कारण है कि वह हमेशा खुद पर विश्वास रखते हैं और आपको विश्वास है तो आप दुनिया में कुछ भी कर सकते हैं। भारत के लिए 100 से ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाले इशांत शर्मा सालों से टीम इंडिय से दूर हैं। उन्होंने आखिरी टेस्ट साल 2021 में और वनडे 2016 में खेला था। इशांत यही नहीं रुके और उन्होंने उस दिन का भी किस्सा सुनाया जब विराट ने अपना पिता खोया था।
मैं होता तो नहीं कर पाता-इशांत शर्मा
इशांत शर्मा ने विराट कोहली के उस दिन का भी जिक्र किया जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया था। इसके बावजूद वह मैदान पर उतरे। इशांत शर्मा ने कहा 'जिस दिन विराट ने अपने पिता को खोया वह बिल्कुल अकेले और दुखी थे। वह नहीं जानते थे कि कैसे रिएक्ट करें, लेकिन उन्होंने बल्लेबाजी की और मैच जीता। तब वह 17 साल के थे। अगर मेरे साथ होता तो मैं कभी नहीं कर पाता।
विराट ने लाया टीम में फिटनेस कल्चर
टीम इंडिया में फिटनेस को लेकर पिछले कुछ सालों में बड़ा बदलाव आया है। इसको लेकर इशांत ने कहा 'जब विराट कप्तान बने तो उन्होंने फिटनेस कल्चर को अनिवार्य किया। अगर आप मोहम्मद शमी और दूसरे तेज गेंदबाजों को देखेंगे तो आप बड़ा अंतर पाएंगे।'
