क्रिकेट जगत में कई ऐसे किस्से हैं जिनको सुनने के बाद सभी को भरोसा हो जाता है कि खेल में कुछ भी मुमकिन है। आज हम जिस खिलाड़ी के बारे में बात करने जा रहे हैं उसने अपने करियर में एक मिसाल तो पेश की लेकिन वो सफर ज्यादा समय तक नहीं चला और यही चीज सबको हैरान कर गई। बात पाकिस्तान क्रिकेट की है जहां आज ही के दिन (30 नवंबर) कई साल पहले एक क्रिकेटर ने दुनिया को हैरान किया था।
बात 1973 की है जब पाकिस्तान के लिए घरेलू क्रिकेट में 44 साल के तहजीब-उल-गनी ने पहली बार प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने के लिए मैदान पर कदम रखा था। ये एक दिलचस्प बात थी क्योंकि जिस उम्र से काफी पहले तमाम क्रिकेटर खेल छोड़ चुके होते हैं, उस उम्र में तहजीब ने करियर की शुरुआत की थी। वो पाकिस्तान के कॉमर्स बैंक टीम के लिए खेलने मैदान पर उतरे थेे।
आते ही मचाया धमाल
तहजीब ने कराची में खेले गए अपने उस पहले प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच में अपने हुनर के दम पर किसी को उम्र का अंदाजा तक नहीं लगने दिया। खैरपुर की टीम के खिलाफ अपने करियर के इस पहले प्रथम श्रेणी क्रिकेट मुकाबले में तहजीब ने कोई छोटी-मोटी पारी नहीं खेली बल्कि शतक ही जड़ डाला। उन्होंने इस मैच में 104 रनों की शानदार पारी को अंजाम दिया।
लेकिन बस फिर सब खत्म
बेशक तहजीब की उम्र 44 थी लेकिन सबको लगा था कि इस खिलाड़ी ने ना सिर्फ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में मिसाल पेश की है बल्कि आने वाले दिनों में वो पूरी दुनिया में अपना दम दिखाते हुए मिसाल पेश करेगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। दरअसल, अगले ही मैच की पारी में 3 रन बनाए और फिर उसके बाद तहजीब ने कभी क्रिकेट नहीं खेला। यानी करियर समाप्त। ऐसा क्यों हुआ इसके बारे में कही कोई उल्लेख नहीं है। लेकिन अपने करियर में 2 मैच खेलने वाले तहजीब ने इस छोटे करियर में एक शतक जड़ा, उनका औसत 53.50 का दर्ज हुआ, एक कैच लिया, गेंदबाजी भी की जिसमें 112 गेंदों में 53 रन दिए और उसी के साथ एक अनोखे करियर का अंत हो गया।
