क्रिकेट

गजबः 44 की उम्र में करियर शुरू, पहले मैच में शतक और अगले मैच में सब खत्म

  • Authored by: शिवम अवस्थी
  • Updated Nov 30, 2022, 02:40 PM IST

Who is Tehzib-ul-Ghani, Cricket Throwback: आज का दिन क्रिकेट इतिहास में एक ऐसे खिलाड़ी के डेब्यू के रूप में भी याद किया जाता रहेगा जिसने 44 की उम्र में करियर का आगाज किया था। पहले ही मैच में इस खिलाड़ी ने शतक भी जड़ा लेकिन उसके अगले मैच में जो हुआ उसने सबको चौंका कर रख दिया।

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क्रिकेट इतिहास में आज का दिन (Representative Image-AP)

क्रिकेट जगत में कई ऐसे किस्से हैं जिनको सुनने के बाद सभी को भरोसा हो जाता है कि खेल में कुछ भी मुमकिन है। आज हम जिस खिलाड़ी के बारे में बात करने जा रहे हैं उसने अपने करियर में एक मिसाल तो पेश की लेकिन वो सफर ज्यादा समय तक नहीं चला और यही चीज सबको हैरान कर गई। बात पाकिस्तान क्रिकेट की है जहां आज ही के दिन (30 नवंबर) कई साल पहले एक क्रिकेटर ने दुनिया को हैरान किया था।

बात 1973 की है जब पाकिस्तान के लिए घरेलू क्रिकेट में 44 साल के तहजीब-उल-गनी ने पहली बार प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने के लिए मैदान पर कदम रखा था। ये एक दिलचस्प बात थी क्योंकि जिस उम्र से काफी पहले तमाम क्रिकेटर खेल छोड़ चुके होते हैं, उस उम्र में तहजीब ने करियर की शुरुआत की थी। वो पाकिस्तान के कॉमर्स बैंक टीम के लिए खेलने मैदान पर उतरे थेे।

आते ही मचाया धमाल

तहजीब ने कराची में खेले गए अपने उस पहले प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच में अपने हुनर के दम पर किसी को उम्र का अंदाजा तक नहीं लगने दिया। खैरपुर की टीम के खिलाफ अपने करियर के इस पहले प्रथम श्रेणी क्रिकेट मुकाबले में तहजीब ने कोई छोटी-मोटी पारी नहीं खेली बल्कि शतक ही जड़ डाला। उन्होंने इस मैच में 104 रनों की शानदार पारी को अंजाम दिया।

लेकिन बस फिर सब खत्म

बेशक तहजीब की उम्र 44 थी लेकिन सबको लगा था कि इस खिलाड़ी ने ना सिर्फ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में मिसाल पेश की है बल्कि आने वाले दिनों में वो पूरी दुनिया में अपना दम दिखाते हुए मिसाल पेश करेगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। दरअसल, अगले ही मैच की पारी में 3 रन बनाए और फिर उसके बाद तहजीब ने कभी क्रिकेट नहीं खेला। यानी करियर समाप्त। ऐसा क्यों हुआ इसके बारे में कही कोई उल्लेख नहीं है। लेकिन अपने करियर में 2 मैच खेलने वाले तहजीब ने इस छोटे करियर में एक शतक जड़ा, उनका औसत 53.50 का दर्ज हुआ, एक कैच लिया, गेंदबाजी भी की जिसमें 112 गेंदों में 53 रन दिए और उसी के साथ एक अनोखे करियर का अंत हो गया।

शिवम अवस्थी
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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