नई दिल्ली: खेल मंत्रालय चाहता है कि बीसीसीआई सितंबर में होने वाले अपने चुनाव राष्ट्रीय खेल प्रशासन कानून के तहत कराये लेकिन अगर तब तक नये अधिनियम के नियमों की अधिसूचना जारी नहीं होती है तो चुनाव उच्चतम न्यायालय द्वारा स्वीकृत लोढा समिति की सिफारिशों के अनुसार भी कराये जा सकते हैं। खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा,'वैसे तो चुनाव अधिनियम के अनुसार ही कराये जाने चाहिये लेकिन अगर तब तक इसके नियमों की अधिसूचना जारी नहीं होती है तो वे लोढा समिति की सिफारिशों के तहत भी करा सकते हैं। एक बार नियमों की अधिसूचना जारी होने पर बीसीसीआई समेत सभी राष्ट्रीय महासंघों को इसके अनुसार चुनाव कराने होंगे।'
नए अधिनियम के तहत 70 से 75 साल है पदाधिकारियों की अधिकतम उम्र
लोढा समिति की सिफारिशों के तहत पदाधिकारियों की आयुसीमा 70 वर्ष के भीतर रहनी चाहिये लेकिन नये अधिनियम में 70 से 75 वर्ष के बीच के उम्मीदवार भी चुनाव लड़ सकते हैं अगर अंतरराष्ट्रीय महासंघ के नियम इसकी अनुमति देते हैं। आईसीसी के नियमों में पदाधिकारियों के लिये कोई आयु सीमा नहीं है।'बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी का कार्यकाल उनके 70 वर्ष का होने के साथ खत्म हो गया लेकिन बोर्ड ने अभी तक अंतरिम अध्यक्ष का ऐलान नहीं किया है।
भारतीय मुक्केबाजी संघ के संपन्न हुए चुनाव
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने सांवैधानिक संशोधन को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई के बीच अपने चुनाव कराये। इस संशोधन के तहत भाजपा सांसद और पूर्व खेलमंत्री अनुराग ठाकुर को अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से रोक दिया। खेल मंत्रालय और भारतीय ओलंपिक संघ ने चुनाव में अपना पर्यवेक्षक नहीं भेजा। मंत्रालय ने कहा,'हमने दिल्ली उच्च न्यायालय को बता दिया है कि हमें नहीं लगता कि इन चुनावों में सही प्रक्रिया का पालन किया गया है । हम इंतजार कर रहे हैं कि अदालत क्या कहती है।' मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होनी है।
ऑनलाइन गेमिंग पर बैन का किया खेल मंत्रालय ने स्वागत
मंत्रालय के सूत्र ने ‘ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक 2025’ का भी स्वागत किया। सूत्र ने कहा,'बच्चों को बचाने और परिवारों को जीवित रखने के लिये यह बिल जरूरी था । युवा आनलाइन गेमिंग के आदी होकर अपना समय और पैसा बर्बाद कर रहे हैं।'
(भाषा)
