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जॉनी बेयरस्टो के रन आउट विवाद पर अंपायर साइमन टॉफेल ने कर दी सबकी बोलती बंद

  • Agency by: Agency
  • Updated Jul 5, 2023, 08:42 PM IST

आईसीसी एलिट पैनल के पूर्व अंपायर साइमन टॉफेल ने एशेज सीरीज के दूसरे टेस्ट के दौरान हुए रन आउट विवाद को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि खेल भावना की बात वो लोग करते हैं जिसे नियम के तहत आउट होना पसंद नहीं है। दूसरे टेस्ट के 5वें दिन बेयरस्टो के रन आउट के बाद विवाद खड़ा हो गया था।

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जॉनी बेयरस्टो (साभार-Twitter)

KEY HIGHLIGHTS
  • रन आउट विवाद में कूदे साइमन टॉफेल
  • जॉनी बेयरस्टो के रन आउट पर दी प्रतिक्रिया
  • खेल भावना की वकालत करने वालों पर कसा तंज

लार्ड्स में हाल में संपन्न एशेज सीरीज के दूसरे टेस्ट में जॉनी बेयरस्टो की विवादास्पद रन आउट को लेकर आईसीसी एलिट पैनल के पूर्व अंपायर साइमन टॉफेल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की आलोचना करते हुए कहा कि जब लोगों को क्रिकेट के नियमों के तहत आउट होने का तरीका पसंद नहीं आता तो वे ‘खेल भावना’ की बात करते हैं। दूसरे एशेज टेस्ट में बेयरस्टो की विवादास्पद स्टंपिंग के बाद इंग्लैंड के कोच ब्रैंडन मैकुलम और कप्तान बेन स्टोक्स जैसे लोगों ने कहा था कि यह खेल भावना के अनुरूप नहीं है।

खेल भावना की बात करने वाले पर तंज

टॉफेल ने ‘लिंकडिन’ पर लंबी पोस्ट में लिखा, ‘मेरा अनुभव यह है कि जब लोगों को क्रिकेट के नियमों के तहत आउट होने का तरीका पसंद नहीं आता तो वे अपने नजरिए के समर्थन के लिए खेल भावना का हवाला देते हैं।’ उन्होंने लिखा, ‘लार्ड्स में जॉनी बेयरस्टो का आउट होना क्या खेल भावना का उल्लंघन था? क्या आपने किसी अंपायर को क्षेत्ररक्षण टीम को यह कहते हुए देखा है कि विकेटकीपर के पीछे खड़ा होने पर स्टंपिंग का प्रयास करने की स्वीकृति नहीं है।’

टॉफेल ने कहा, ‘क्या किसी ने तब कोई शिकायत की थी जब बेयरस्टो ने मार्नस (लाबुशेन) को पहली पारी में इसी तरह आउट करने का प्रयास किया था। जॉनी बेयरस्टो ने अपने आउट होने के बारे में क्या कहा? वह काफी चुप रहा। क्यों?’

लॉर्ड्स लॉबी में भी हुआ था विवाद

बेयरस्टो के आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया को बाकी बचे मैच के दौरान दर्शकों के बुरे व्यवहार का सामना करना पड़ा। दर्शकों ने मेहमान टीम की हूटिंग की और ‘वही पुराने ऑस्ट्रेलियाई, हमेशा धोखाधड़ी करने वाले’ के नारे लगाए। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के अलावा कई पूर्व और मौजूदा खिलाड़ियों ने इस मुद्दे पर अपनी नजरिया रखा।

टॉफेल ने लिखा, ‘कुछ लोगों और समूहों द्वारा दिखाया गया पाखंड और निरंतरता की कमी काफी रोचक और हमारे खेल के भविष्य के लिए चिंताजनक है। शायद यहां सिर्फ मेरा ही यह रुख है।’ इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा टेस्ट मैच 6 जुलाई से हेडिंग्ले में खेला जाएगा।

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