अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आगाज के बाद जसप्रीत बुमराह की छत्र-छाया हमेशा मोहम्मद सिराज पर रही, लेकिन ओवल में सोमवार को इस तेज गेंदबाज ने अपनी शानदार स्पैल से अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाबी हासिल की। भारत की पिछले साल बारबाडोस में टी20 विश्व कप जीत के बाद सिराज ने भावुक होकर नम आंखों के साथ कहा था ‘‘मैं सिर्फ जस्सी भाई पर विश्वास करता हूं।’’ इसके 13 महीने बाद अब ऐसा ही कुछ करने की सिराज की बारी थी। उन्होंने अपनी शानदार गेंदबाजी से मैच का पासा पलटते हुए इंग्लैंड के खिलाफ भारत को यादगार जीत दिला कर भारतीय ड्रेसिंग रूम के साथ प्रशंसकों की नजर में अपना कद और भी ऊंचा कर लिया।
इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टेस्ट मैच में वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत बुमराह को टीम में शामिल नहीं किया गया था ऐसे में भारतीय गेंदबाजी की अगुवाई करने की जिम्मेदारी सिराज पर आ गयी। सिराज ने इस श्रृंखला के पांच मैच खेलने वाले इकलौते तेज गेंदबाज है। उन्होंने इस दौरान थकान को धता बताते हुए 185.3 ओवर गेंदबाजी की। वह 23 विकेट के साथ इस श्रृंखला के सबसे सफल गेंदबाज भी बने। श्रृंखला के दौरान कई ऐसे पल आये जब लगातार अच्छी गेंदबाजी के बावजूद सिराज को विकेट नहीं मिले। उन्होंने हालांकि इस पर हताश होने की जगह कहा ‘ शायद अल्लाह की मेरे लिए कोई और योजना हो’।
इंग्लैंड की दूसरी पारी में जैक क्रॉली और ओली पोप को आउट करने के बाद हैरी ब्रूक के कैच को पकड़ कर वह बाउंड्री से टकरा गए जिसके बाद उनके चेहरे पर मायूसी महसूस की जा सकती थी। मैच के पांचवें दिन सुबह के सत्र में उन्होंने हालांकि अपनी धारदार गेंदबाजी से क्षेत्ररक्षण के दौरान हुई चूक की भरपाई कर दी। भारत की इस रोमांचक जीत के बाद जब कप्तान शुभमन गिल से पूछा गया कि क्या अब भारतीय टीम बुमराह जितना ही सिराज पर भी विश्वास करती है, तो भारतीय कप्तान ने इसका जवाब ‘हां’ में दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल अभी की बात नहीं है। हम पहले भी कहते थे कि हम सिराज भाई पर विश्वास करते हैं। इस मैच में उन्होंने जिस तरह से प्रयास किया अगर हम हार भी जाते तो हमें बुरा लगता। इससे हालांकि ड्रेसिंग रूम में उनके लिए सम्मान कम नहीं होता, क्योंकि उन्होंने यह वर्षों की मेहनत से कमाया है, एक पल आपको परिभाषित नहीं कर सकता।’’ गिल ने गर्व भरे अंदाज में कहा, ‘‘उन्होंने पिछले 4-5 सालों से इतनी कड़ी मेहनत की है और उन्होंने यह कमाया है।’’
खेल के साथ सिराज का रिश्ता बहुत ही सच्चा है और यह ओवल के मैदान पर उनके पूरे समर्पण से साफ दिखाई देता है।
मैच के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान गिल के साथ बैठे सिराज ने कहा, ‘‘क्रिकेट मेरा पहला प्यार है।’’ सिराज ने भावुक होकर कहा, ‘‘मैं क्रिकेट के लिए कुछ भी कर सकता हूं। अगर मैं मैच हार जाता हूं तो मुझे बहुत दुख होता है। जब मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं करता हूं, तो मुझे बहुत दुख होता है। मैंने बचपन से जीवन में बहुत कड़ी मेहनत की है, इसलिए मैं उसके लिए सब कुछ देता हूं।’’
