भारत के अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट के शुरुआती दिन तेजनारायण चंद्रपॉल को आउट कर अपने शानदार टेस्ट करियर में पिता और पुत्र दोनों के विकेट लेने का दुर्लभ गौरव हासिल किया । उन्होंने 12 रन के निजी स्कोर पर तेजनारायण चंद्रपॉल को क्लीन बोल्ड कर भारत को पहली सफलता दिलाई। अश्विन ने 2011 में नई दिल्ली में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने इस मैच में तेजनारायण के पिता शिवनारायण चंद्रपॉल को आउट किया था। बारह साल पहले हुए उस टेस्ट मैच की दूसरी पारी में अश्विन ने सीनियर चंद्रपॉल को पगबाधा किया था। इस कारनामे के बाद वह अपने करियर के दौरान पिता और पुत्र दोनों को आउट करने वाले विश्व क्रिकेट के केवल पांचवें गेंदबाज बन गए।
ऐसा कारनामा करने वाले 5वें गेंदबाज बने अश्विन
इस सूची में शामिल पांच गेंदबाजों में से तीन ने शिवनारायण और तेजनारायण चंद्रपॉल को आउट किया है। अश्विन से पहले पिता - पुत्र की इस जोड़ी को ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क और दक्षिण अफ्रीका के ऑफ स्पिनर साइमन हार्मर ने आउट किया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाले अन्य दो गेंदबाज इंग्लैंड के ऑलराउंडर इयान बॉथम और पाकिस्तान के दिग्गज वसीम अकरम हैं। इन दोनों दिग्गजों ने न्यूजीलैंड के पिता पुत्र की जोड़ी लांस और क्रिस केर्न्स को आउट किया था।
इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने एक के बाद एक लगातार विकेट गंवाए। पहली दो सफलता रविचंद्रन अश्विन ने दिलाई। उसके बाद शार्दुल ठाकुर और रवींद्र जड़ेजा ने भी विकेट लिए। नतीजा लंच तक वेस्टइंडीज केवल 68 रन के स्कोर पर 4 विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी। इस मैच के साथ ही भारत और वेस्टइंडीज की टीम के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के तीसरे सत्र की शुरुआत हो गई। इस सत्र में भारतीय टीम कुल 19 टेस्ट मैच खेलेगी।
