नई दिल्ली: राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर विवादों में घिर गए हैं क्योंकि टीवी कैमरों ने उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच के दौरान टीम के डगआउट में मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़ा है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस मामले का संज्ञान लिया है और सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले बोर्ड घटना की सत्यता की जांच करेगा।
सैकिया ने ’पीटीआई-भाषा’ को बताया,'हमें यह अच्छी तरह से जांचना होगा कि घटना वास्तव में कहां हुई और क्या फोन का इस्तेमाल किया गया था। किसी तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हम आंतरिक जांच करेंगे। हम वीडियो फुटेज की जांच करेंगे और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सबूत जुटाएंगे।'
इस घटना को सबसे पहले एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने इंस्टाग्राम पर साझा किया था, लेकिन यह पुष्टि हो गई है कि शुक्रवार को गुवाहाटी में रॉयल्स की छह विकेट से जीत के दौरान भिंडर मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। तब युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी उनके बगल में बैठे हुए थे।
बीसीसीआई के एक अन्य अधिकारी ने भी इसकी पुष्टि की कि भिंडर ने नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा,'जी हां, भिंडर ने वास्तव में खिलाड़ियों एवं मैच अधिकारियों के क्षेत्र (पीएमओए) के प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है क्योंकि मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन प्रतिबंधित हैं।' आईपीएल की आधिकारिक वेबसाइट पर पीएमओए प्रोटोकॉल 2026 से संबंधित नियम के अनुसार,'टीम मैनेजर ड्रेसिंग रूम में फोन का उपयोग कर सकता है, लेकिन डगआउट में नहीं।'
भिंडर फ्रेंचाइजी की शुरुआत से ही इससे जुड़े हुए हैं और जानकारों का मानना है कि उन्हें भ्रष्टाचार रोधी प्रोटोकॉल के बारे में अच्छी तरह से पता होना चाहिए। अधिकारी ने कहा,'यह अनजाने में हो सकता है, लेकिन इस पर कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि यह नियमों का उल्लंघन है। चेतावनी दी जाएगी या प्रतिबंध लगाया जाएगा, इसका फैसला मैच रेफरी और एसीयू (भ्रष्टाचार निरोधक इकाई) की रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। आईपीएल की संचालन परिषद इस आधार पर फैसला ले सकती है।' भिंडर को और भी गहन जांच का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि सूर्यवंशी ने मैच के बाद उन्हें अपना ’स्थानीय संरक्षक’ बताया था।
