लाहौर: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने रविवार को कहा कि ईरान-अमेरिका-इस्राइल युद्ध के कारण क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पाकिस्तान सुपर लीग के पहला चरण दर्शकों के होगा। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी ने कहा कि पीएसएल का यह सत्र कराची और लाहौर में ही खेला जायेगा। उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा ,'पीएसएल अंतरराष्ट्रीय ब्रांड और हमारा गौरव है। यह लीग 26 मार्च से ही होगी लेकिन दर्शकों को अनुमति नहीं रहेगी।'
पड़ी महंगाई की मार
पीएसएल के सीईओ सलमान नसीर ने पाकिस्तान में पीएसएल के आयोजन को लेकर किसी तरह की सुरक्षा आशंकाओं को खारिज किया। नकवी ने कहा,'क्षेत्र के हालात को देखते हुए मितव्ययिता की दृष्टि से यह कदम उठाया गया है। विदेशी खिलाड़ी आज रात से यहां पहुंच रहे हैं।' नकवी ने यह भी कहा कि पीसीबी का कानूनी विभाग उन क्रिकेटरों के मामले देख रहा है जिन्होंने आईपीएल खेलने के लिये पीएसएल अनुबंध रद्द किये हैं।
कब तक बंद दरवाजों के पीछे खेले जाएंगे मैच?
नकवी ने कहा,यह फैसला सरकार की उन व्यापक खर्च-कटौती और बचत योजनाओं के बाद लिया गया है, जिनका मकसद अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण पैदा हुए वैश्विक ईंधन संकट से निपटना है। इस फैसले का मकसद लोगों की आवाजाही को कम करना है। उन्होंने बताया कि कामकाज को और सुचारू बनाने के लिए उद्घाटन समारोह को भी रद्द कर दिया गया है। पीसीबी चेयरमैन ने कहा कि जब तक क्षेत्रीय तनाव बना रहेगा तब तक पीएसएल के मैच बंद दरवाजों के पीछे ही खेले जाएंगे।
प्रशंसकों को वापस किए जाएंगे टिकट के पैसे
पीएसएल के 11वें सीजन का आयोजन 26 मार्च से 3 मई के बीच होगा। टूर्नामेंट का आगाज डिफेंडिंग चैंपियन लाहौर कलंदर्स और हैदराबाद किंग्समेन के बीच भिड़ंत के साथ होगा। ये मुकाबला लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला जाएगा। टूर्नामेंट को केवल दो वेन्यू कराची और लाहौर तक ही सीमित रखा जाएगा। इससे पहले, मुल्तान, पेशावर, फैसलाबाद, कराची, रावलपिंडी और लाहौर को टूर्नामेंट के मेजबान शहरों के तौर पर चुना गया था। वेन्यू में बदलाव के बाद प्रशंसकों को टिकट के पैसे वापस किए जाएंगे। नकवी ने टिकट बुक करने वाले प्रशंसकों से असुविधा के लिए माफी भी मांगी है।
सुरक्षा को लेकर नहीं है कोई चिंता
सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर बात करते हुए नकवी ने कहा कि सुरक्षा को लेकर कोई समस्या नहीं है और सभी संबंधित एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क (हाई अलर्ट पर) हैं। उन्होंने खुफिया एजेंसियों की तारीफ करते हुए कहा कि किसी भी संभावित खतरे को पहले ही बेअसर कर दिया गया था।
(भाषा इनपुट के साथ)
