Prema Rawat: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के सुमटी-बैसानी गांव की 24 वर्षीय प्रेमा रावत ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में जगह बनाकर नया इतिहास रच दिया है। आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप 2026 के लिए उन्हें टीम में शामिल किया गया है। सबसे खास बात यह रही कि सेलेक्शन के अगले ही दिन उन्हें साउथ अफ्रीका के खिलाफ प्लेइंग-11 में मौका मिल गया। भारतीय टीम की ऑफ स्पिनर श्रेयंका पाटिल के चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद प्रेमा को रिप्लेसमेंट के तौर पर बुलाया गया है। आईसीसी की तकनीकी समिति ने भी उनके नाम पर मुहर लगाई थी।
घरेलू क्रिकेट में प्रेमा ने किया शानदार प्रदर्शन
दाएं हाथ की बल्लेबाज और लेग स्पिनर प्रेमा ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। 2023 के सीनियर महिला टी-20 टूर्नामेंट में उन्होंने 10 मैचों में 16 विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारत-ए टीम में भी मौका मिला। महिला प्रीमियर लीग में वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का हिस्सा रही हैं। बल्लेबाजी, गेंदबाजी के साथ-साथ वह बेहतरीन फील्डर भी मानी जाती हैं।
भारतीय वायु सेना में काम करते हैं प्रेमा के पिता
प्रेमा के पिता केदार सिंह रावत भारतीय वायु सेना में कार्यरत हैं और इस समय असम में तैनात हैं। प्रेमा ने बीएससी ऑनर्स तक पढ़ाई की है और शुरुआती शिक्षा गांव में ही हुई। करियर के शुरुआती दिनों में वह हॉकी और एथलेटिक्स में सक्रिय थीं। बाद में उन्होंने क्रिकेट को अपना लक्ष्य बनाया और कड़ी मेहनत से इस मुकाम तक पहुंचीं। सुमटी जैसे दूरस्थ पहाड़ी गांव से निकलकर विश्व कप टीम तक का सफर आसान नहीं था। सीमित संसाधनों और सुविधाओं के बावजूद प्रेमा ने हार नहीं मानी। टीम मैनेजमेंट ने भी उनकी काबिलियत पर भरोसा जताया और सेलेक्शन के 24 घंटे के भीतर ही उन्हें साउथ अफ्रीका के खिलाफ बड़े मैच में मैदान पर उतार दिया।
