इंदौर: केएल राहुल की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार को इंदौर में खेले गए सीरीज के दूसरे वनडे में 99 रन से जीत दर्ज करके तीन मैच की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 5 विकेट पर 399 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जिसके जवाब में बारिश से प्रभावित मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम 28.2 ओवर में 217 रन बनाकर ढेर हो गई। जीत के लिए कंगारुओं को 33 ओवर में 317 रन का लक्ष्य मिला था।
स्पिनर्स के आगे ढेर हुए कंगारू
भारते के स्पिनर्स रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन की जोड़ी ने कहर बरपाते हुए तीन-तीन विकेट अपनी झोली में डाले। इंदौर की पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलने के बारे में कप्तान केएल राहुल ने टीम की जीत के बाद कहा, मैंने जब आज पहली बार पिच को देखा था तो नहीं लगा था कि विकेट इतना स्पिन करेगा। हालांकि हमारी टीम में कुछ अच्छे स्पिनर थे जिसका फायदा हमें मिला। 400 रन का लक्ष्य विरोधी टीम के सामने रखने के बाद आपका आत्मविश्वास ऐसे ही बढ़ जाता है। अश्विन के पहले ओवर में गेंद स्पिन हुई उसके बाद तो सारा खेल ही पलट गया।
प्लेइंग-11 चुनना कप्तान और कोच का है काम
सभी खिलाड़ी विश्व कप से पहले अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और प्लेइंग-11 में जगह हासिल करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। इस बारे में राहुल ने कहा,
ये फैसला कोच और कप्तान को लेना है कि वह किसे प्लेइंग 11 में चुनेंगे लेकिन हमारे लिए यह अच्छा है कि हर खिलाड़ी अपने रोल को समझते हुए अच्छा खेल रहे हैं। जिसे भी प्लेइंग-11 में चुना जाएगा उसे अपने देश और टीम के लिए अपना काम करना होगा। अगर आप प्लेइंग-11 में नहीं हैं तो कड़ी मेहनत करते हुए अन्य खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन और टीम की जीत की कामना करनी होगी। बहुत सारे रन बनाने के बाद बैंच पर बैठना मुश्किल होता है। यह खेल का मिजाज है और हर कोई इससे वाकिफ है। ये कभी नहीं रुकेगा और अपने हिसाब से आगे भी चलता रहेगा।
चिंता का विषय है फील्डिंग
बल्लेबाजी और गेंदबाजी में टीम अच्छा कर रही है लेकिन खराब फील्डिंग के बारे में राहुल ने कहा, ये बड़ी चिंता की बात है हमने आज के मैच में भी कुछ कैच ड्रॉप किए, जो अच्छी बात नहीं है लेकिन जब आप हर दूसरे दिन ट्रेवल करें और अगल-अलग परिस्थितियों और फ्लड लाइट्स में खेलें को सामंजस्य बना पाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। मोहाली जैसा गर्मी में फील्डिंग करना चुनौतीपूर्ण होता है। अच्छी फील्डिंग के लिए फ्रेश रहना और खुद को फिट रखना जरूरी है और हम लगातार ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं। एक दल के रूप में हम फील्डिग पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं लेकिन ऐसी गल्तियां होती हैं। खिलाड़ी अपनी ओर से अच्छा करने की पुरजोर कोशिश करता है।
राजकोट में सीनियर प्लेयर्स की होगी वापसी
राजकोट में खेले जाने वाले सीरीज के तीसरे मुकाबले में क्या टीम अपनी पूरी ताकत के साथ उतरेगी। इसके जवाब में राहुल ने कहा, इस बारे में फिलहाल कोई चर्चा नहीं हुई है। अगले मैच में सीनियर खिलाड़ी ब्रेक के बाद वापस आ रहे हैं। उस मैच में उन्हें थोड़ा गेम टाइम मिलेगा। जिससे कि वो आगे आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रहें। मैदान पर 50 ओवर खड़ा रहना जरूरी है जिससे कि आप इसके आदी हो सकें।
