पाकिस्तान क्रिकेट में मुश्किलों को दौर थमा नहीं है। अब नई खबर द हंड्रेड लीग को लेकर सामने आई है जिसमें एक भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को शामिल नहीं किया गया है। यह उन पाकिस्तानी क्रिकेटरों के लिए एक बड़े झटके की तरह है जो देश से बाहर हो रहे क्रिकेट के प्रतिष्टित लीग में हिस्सा लेना चाहते हैं। हैरानी की बात यह है कि इस लीग के लिए 45 खिलाड़ियों ने अपने नाम दिए थे और एक भी खिलाड़ी को शामिल नहीं किया गया।
क्या IPL की राह पर द हंड्रेड
पाकिस्तान क्रिकेटरों को लेकर जैसे ही यह खबर सामने आई, इस बात की चर्चा शुरू हो गई कि क्या द हंड्रेड के आयोजक आईपीएल की तर्ज पर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शामिल नहीं करना चाहते। आईपीएल 2008 के बाद से पाकिस्तानी खिलाड़ी इस लीग से बैन हैं। अब उन पर द हंड्रेड से भी बैन होने का खतरा है। ऐसी खबरें तब आ रही है जब आईपीएल फ्रैंचाइजियों ने द हंड्रेड लीग में निवेश किया है।
क्या इसलिए नहीं बिके पाकिस्तानी खिलाड़ी
SA20 की तरह अब आईपीएल फ्रैंचाइजी द हंड्रेड लीग के कुछ टीमों पर निवेश कर रहे हैं। उसमें से ओवल इनविंसिबल्स (मुंबई इंडियंस), मैनचेस्टर ओरिजिनल्स (लखनऊ सुपर जायंट्स), नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स (सनराइजर्स हैदराबाद) और सदर्न ब्रेव (दिल्ली कैपिटल्स) जैसी फ्रैंचाइजी शामिल हैं। इन फ्रैंचाइजियों का पैसा SA20 में भी लगा है जहां शुरुआत से लेकर अब तक किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को खेलन का मौका नहीं मिला है।
हालांकि, कुछ रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर यह फैसला किया गया है। पाकिस्तान की टीम जुलाई के आखिरी सप्ताह से अगस्त के मध्य तक वेस्टइंडीज में तीन वनडे और तीन टी20 मैचों की सीरीज खेलेगी। इसी दौरान द हंड्रेड लीग भी खेली जाएगी।
सितंबर में एशिया कप शुरू होने से पहले द मेन इन ग्रीन अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू मैदान पर एक और तीन मैचों की टी20 सीरीज खेल सकती है।
